सतना: बिछियन जंगल में बाघ का शिकार, अंगों के बंटवारे के विवाद से खुला राज
Satna tiger poaching incident updates. सतना जिले के मझगवां रेंज स्थित बिछियन के जंगल में एक बाघ का बिजली के करंट से शिकार कर लिया गया। शिकारियों ने मृत बाघ के शरीर से 18 नाखून और 4 केनाइन निकाल लिए थे, जिसके बाद शव को जमीन में दफना दिया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सतना जिले के मझगवां रेंज स्थित बिछियन के जंगल में एक बाघ के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकारियों ने बिजली का करंट लगाकर बाघ को मौत के घाट उतार दिया था। घटना को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए बाघ के शरीर से 18 नाखून और 4 केनाइन (दांत) निकाल लिए गए और शव को जमीन में दफना दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा करीब दो महीने बाद हुआ है।
अंगों के बंटवारे से खुला राज
वन विभाग की जांच में सामने आया है कि शिकार के बाद बाघ के अंगों को आपस में बांटने को लेकर शिकारियों के बीच विवाद हो गया था। इसी आपसी कलह के कारण यह मामला जंगल से बाहर निकलकर अधिकारियों तक पहुंचा। जांच के दौरान वन विभाग के चौकीदार मिन्नता सिंह गोड़ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।
वन विभाग ने अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से चार आरोपियों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। चौकीदार मिन्नता सिंह गोड़ को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। विभाग को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस रैकेट से जुड़े और भी कई खुलासे हो सकते हैं।
बरामदगी और विभागीय कार्रवाई
जांच के दौरान चौकीदार मिन्नता सिंह के भाई प्रेम सिंह गोड़ के पास से बाघ के 2 केनाइन और 2 नाखून बरामद किए गए हैं। इससे पहले रामकुशल कोल के घर से भी 2 नाखून बरामद हुए थे। विभाग का मानना है कि मुख्य आरोपी प्रेम सिंह गोड़ ने ही सुअर के शिकार के लिए करंट का जाल बिछाया था, लेकिन उसमें बाघ फंस गया। बाघ की मौत के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे दफन कर दिया।
इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में कररिया बीट के बीटगार्ड एम.एस. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, घटना के समय सर्किल का प्रभार संभाल रहे ट्रेनी रेंजर दुर्गेश पांडेय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए वन मंडलाधिकारी ने मुख्यालय को पत्र भेजा है।
आदतन अपराधियों का नेटवर्क
हैरानी की बात यह है कि इस शिकार में शामिल कई लोग पहले भी वन्यजीव अपराधों में लिप्त रहे हैं। वर्ष 2019 में सरभंगा के जंगल में करंट लगाकर बाघ मारने के मामले में अनिल कोल नामक आरोपी पकड़ा गया था। अब बिछियन के मामले में उसके पिता मुन्ना कोल की संलिप्तता सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में शिकारियों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
वन विभाग की टीम अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये अंग किसी अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह को बेचे जाने थे या स्थानीय स्तर पर ही इनका उपयोग किया जाना था। फिलहाल, जंगल के आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
