सतना: राशन दुकान में बड़ा गड़बड़झाला, कागजों पर अनाज मौजूद पर गोदाम खाली
Satna ration scam news, Uchehara grain distribution irregularities, local villagers complaint to SDM regarding corruption. सतना जिले के उचेहरा विकासखंड की ग्राम पंचायत भरहटा में संचालित उचित मूल्य दुकान पर शासकीय राशन के कथित गबन और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सतना जिले के उचेहरा विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भरहटा में शासकीय राशन वितरण प्रणाली में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने उचित मूल्य दुकान पर अनाज के गबन और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कागजों में स्टॉक, गोदाम में सन्नाटा
ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद उप-सरपंच शिवम बड़गइयां, सतर्कता समिति के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने उचित मूल्य दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जो सामने आया, वह चौंकाने वाला था। पीओएस मशीन से निकाली गई स्टॉक रिपोर्ट में गेहूं और चावल की पर्याप्त मात्रा दर्ज थी, लेकिन जब गोदाम की भौतिक जांच की गई तो वह पूरी तरह खाली पाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि दुकान में राशन खत्म हो गया है। करीब 50 से अधिक राशन कार्डधारक ऐसे हैं जिन्हें इस महीने का निर्धारित खाद्यान्न नहीं मिल सका है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में अनाज का वितरण दिखाया जा रहा है।
बिना लाइसेंसधारी के हाथों में दुकान का संचालन
निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि दुकान का मूल लाइसेंसधारी संचालक मौके पर मौजूद नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान का संचालन एक निजी व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जो मनमानी करता है। मौके पर मौजूद व्यक्ति ने स्वीकार किया कि दुकान को महीने में केवल तीन दिन ही खोला जाता है, जो कि सरकारी नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इसके अलावा, हितग्राहियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें राशन देते समय पीओएस मशीन की रसीद नहीं दी जाती है। साथ ही, प्रत्येक राशन कार्ड पर 2 से 5 किलोग्राम तक अनाज कम तौलने की शिकायतें भी सामने आई हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि उनसे मशीन पर अंगूठा तो लगवा लिया गया, लेकिन राशन खत्म होने का बहाना बनाकर उन्हें खाली हाथ घर भेज दिया गया।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप-सरपंच शिवम बड़गइयां के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ निरीक्षण का वीडियो और मौका मुआयना पंचनामा भी साक्ष्य के तौर पर सौंपा गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और दुकान को सील कर संबंधित संचालक व सेल्समैन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है। स्टॉक रिपोर्ट और भौतिक सत्यापन में मिले भारी अंतर ने राशन वितरण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों पर किस तरह की कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
