संभल: मल्ली सराय में 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला प्रशासन का बुलडोजर, करोड़ों की जमीन कराई मुक्त
संभल के मल्ली सराय इलाके में प्रशासन ने बिना अनुमति के विकसित की जा रही 50 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बिना लेआउट पास कराए किए गए निर्माणों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मल्ली सराय में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अवैध निर्माण और बिना अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार की सुबह मल्ली सराय क्षेत्र में लगभग 50 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस भूमि की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी गई है, जहां नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किए जा रहे थे।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को प्राप्त हुई शिकायतों के आधार पर की गई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संभल की एसडीएम निधि पटेल को जांच के निर्देश दिए। एसडीएम ने विनिमय क्षेत्र के अवर अभियंता सचिन कुमार को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया, जिसमें अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई।
मानकों की अनदेखी और नियमों का उल्लंघन
जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मल्ली सराय क्षेत्र में बिना लेआउट पास कराए और निर्धारित मानकों के विपरीत छोटे रास्तों का निर्माण कर प्लॉटिंग की जा रही थी। विनिमित क्षेत्र के अंतर्गत आने के कारण यहां किसी भी प्रकार के निर्माण या प्लॉटिंग के लिए प्रशासन से नक्शा पास कराना अनिवार्य है, जिसका पूरी तरह से उल्लंघन किया गया था। रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध बाउंड्री वॉल और नींव को जमींदोज कर दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर प्लॉटिंग करने वाला कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया। एसडीएम निधि पटेल ने बताया कि मल्ली सराय शहरी विनिमित क्षेत्र का हिस्सा है, जहां पिछले कुछ समय से बिना अनुमति के प्लॉटिंग करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। प्रशासन ने इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए यह सख्त कदम उठाया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब संभल प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान चलाया है। एसडीएम ने जानकारी दी कि करीब 15 दिन पहले भी इसी तरह का एक अभियान चलाया गया था, जिसमें अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया था। यह दूसरी बार है जब प्रशासन ने इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। लगभग 40 से 50 बीघा जमीन पर की गई नींव और निर्माण को पूरी तरह से हटा दिया गया है।
एसडीएम निधि पटेल ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर नहीं, बल्कि निजी भूमि पर बिना लेआउट के किए जा रहे अवैध कार्यों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन कर प्लॉटिंग की गई, तो प्रशासन इसी तरह बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त करेगा।
भविष्य के लिए सख्त संदेश
प्रशासन का यह कदम उन भू-माफियाओं और डेवलपर्स के लिए एक कड़ा संदेश है जो बिना सरकारी अनुमति के कॉलोनियां काट रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि अवैध निर्माण गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
