सहारनपुर: कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नजरबंदी पर मचा घमासान, एसएसपी से मिला प्रतिनिधिमंडल
प्रतिनिधिमंडल ने जिले में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का मुद्दा उठाते हुए इस कार्रवाई को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई से पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी से कामकाज प्रभावित
सहारनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की पिछले कई दिनों से जारी नजरबंदी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात की और इस कार्रवाई पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 21 जुलाई से लगातार कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के कारण उनका सामान्य जीवन और दैनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि सहारनपुर एक शांतिप्रिय जिला है। उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता ने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है, जिससे जिले की कानून-व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा की जा रही यह कार्रवाई समझ से परे है।
एसएसपी ने दिया समीक्षा का आश्वासन
कांग्रेस नेताओं की शिकायतों को सुनने के बाद एसएसपी अभिनंदन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति की शीघ्र समीक्षा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि इस पूरे प्रकरण पर उचित निर्णय लिया जाएगा ताकि कार्यकर्ताओं को हो रही असुविधा को दूर किया जा सके। कांग्रेस नेताओं ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही इस प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को वापस लेगा।
मुलाकात के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने एसएसपी को पार्टी के आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी शांतिपूर्ण ढंग से जनहित के मुद्दों को उठाती रहेगी।
बेहट में प्रस्तावित है किसान आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि 25 जुलाई को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा बेहट में एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता किसानों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। इस दौरान महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी स्थानीय तहसील प्रशासन को सौंपा जाएगा, ताकि किसानों की मांगों को शासन तक पहुंचाया जा सके।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि वे आगामी कार्यक्रमों के लिए शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल के रूप में जनता की समस्याओं को उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है और प्रशासन को इसमें सहयोग करना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे प्रमुख नेता
एसएसपी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इनमें जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा, पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी और एआईसीसी सदस्य चौधरी मुजफ्फर अली प्रमुख थे। इनके अलावा जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, नितिन शर्मा, इमरान कुरेशी और मनिंदर राणा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस नजरबंदी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या 25 जुलाई के कार्यक्रम से पहले कार्यकर्ताओं की नजरबंदी हटा ली जाएगी या प्रशासन अपनी पुरानी नीति पर ही कायम रहेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!