रेवाड़ी: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जागा नगर परिषद, रिहायशी इलाकों में 7 अवैध गोदाम-दुकानें सील
Rewari residential area illegal commercial shops godowns sealed by Nagar Parishad high court action. रिहायशी क्षेत्र में कॉमर्शियल गतिविधियों के तहत हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। सीलिंग के साथ नगर परिषद ने सील तोड़ने पर एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हाईकोर्ट के आदेशों का असर: रिहायशी क्षेत्रों में कार्रवाई
रेवाड़ी में नगर परिषद प्रशासन ने हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। टीपी स्कीम के तहत विकसित कॉलोनियों में नियमों को दरकिनार कर संचालित की जा रही 7 दुकानों और गोदामों को नगर परिषद की टीम ने सील कर दिया है। यह कार्रवाई आगामी 10 अगस्त को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले की गई है, ताकि प्रशासन अपनी स्टेटस रिपोर्ट में ठोस कदम दिखा सके।
नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति सील की गई संपत्ति के साथ छेड़छाड़ करता है या दोबारा व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित थानों में तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान नगर परिषद की टीम ने मौके पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई है, जिसे साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला और याचिका की पृष्ठभूमि
यह मामला टीपी स्कीम के अंतर्गत आने वाली कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से जुड़ा है। नियमों के अनुसार, इन रिहायशी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक दुकान या गोदाम चलाना प्रतिबंधित है ताकि स्थानीय निवासियों को असुविधा न हो। प्रेमलता नामक एक स्थानीय निवासी ने इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका (CWP 29432-2017) दायर की थी, जिसमें इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर परिषद को कड़ी फटकार लगाई थी और मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। अदालत के दबाव के बाद नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया और पहले से नोटिस प्राप्त दुकानदारों व गोदाम मालिकों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।
नोटिस के बाद भी नहीं माने संचालक
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, सीलिंग अभियान से पहले सभी संबंधित दुकानदारों और गोदाम मालिकों को विधिवत नोटिस जारी किए गए थे। इन नोटिसों में उन्हें 8 दिन के भीतर स्वयं ही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कई लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद प्रशासन को मजबूरन सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।
सील की गई संपत्तियों में एक इलेक्ट्रिक दुकान और कई बड़े गोदाम शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि शहर के अन्य हिस्सों में भी यदि ऐसी शिकायतें मिलती हैं, तो वहां भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद अब 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई के लिए पूरी तैयारी कर रही है, जिसमें अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अदालत को किए गए कार्यों की जानकारी देनी होगी।
स्थानीय निवासियों में राहत और अवैध कारोबारियों में हड़कंप
नगर परिषद की इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से रिहायशी इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही और व्यावसायिक शोर-शराबे से परेशान लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। वहीं, शहर के अन्य रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से दुकान और गोदाम चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में रिहायशी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर परिषद का यह अभियान न केवल हाईकोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि शहर की आवासीय व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
