रेवाड़ी गैस धमाका: फोरेंसिक रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह, पिता-पुत्री की जा चुकी है जान
Rewari Hans Nagar gas explosion forensic investigation report awaited for deceased father daughter. धमाके में पड़ोसी सहित 5 लोग झुलस गए थे। जिनमें से पूर्व सैनिक और उनकी बेटी की मौत हो चुकी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

रेवाड़ी के हंस नगर में हुए गैस हादसे की जांच जारी
हरियाणा के रेवाड़ी शहर के हंस नगर में 5 जुलाई की शाम को हुए भीषण गैस धमाके की गुत्थी अभी भी उलझी हुई है। इस दर्दनाक हादसे में एक पूर्व सैनिक और उनकी बेटी की जान जा चुकी है। पुलिस और प्रशासन अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट हो पाएगा कि धमाका किस गैस के रिसाव के कारण हुआ था और क्या वह इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की पाइपलाइन से जुड़ी थी या कोई अन्य कारण था।
हादसे के बाद से ही इलाके में मातम पसरा हुआ है। धमाके की चपेट में आने से परिवार के सदस्यों के अलावा एक पड़ोसी भी गंभीर रूप से झुलस गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आईजीएल के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
26 घंटे के भीतर दो अर्थियां, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह बिखेर दिया है। 25 वर्षीय तन्नु, जिनकी शादी इसी साल 25 नवंबर को तय थी, ने 9 जुलाई की शाम दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में दम तोड़ दिया। बेटी के अंतिम संस्कार के अगले ही दिन, 11 जुलाई की सुबह उनके पिता और सेवानिवृत्त नायब सूबेदार सतबीर चौहान ने भी इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिवार के बेटे आकाश को महज 26 घंटे के अंतराल में अपनी बहन और पिता की चिता को मुखाग्नि देनी पड़ी।
घटना के समय घर में मौजूद सतबीर चौहान की पत्नी मधु ने बताया कि वह रसोई में बर्तन साफ कर रही थीं, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। जब वह आवाज की दिशा में भागीं, तो उन्होंने अपने पति, बेटी, दो साल की भतीजी और पड़ोसी जयभगवान को बुरी तरह झुलसी हुई अवस्था में पाया। उन्हें बचाने के प्रयास में मधु खुद भी घायल हो गईं।
पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में धमाके का कारण गैस रिसाव ही प्रतीत हो रहा है। हालांकि, यह गैस आईजीएल की थी या किसी अन्य स्रोत से आई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच टीम हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है।
इस हादसे में घायल हुए अन्य लोगों का इलाज अभी भी चल रहा है। पुलिस ने घटना के बाद से ही सुरक्षा मानकों और गैस पाइपलाइन के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि फोरेंसिक रिपोर्ट मिलते ही उसे जांच का हिस्सा बनाया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और तकनीकी विशेषज्ञों की राय लेने में जुटी है। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
