रामपुर: बिजली उपकेंद्र में घुसकर इंजीनियर से बदसलूकी, 4 नामजद समेत 20 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Rampur Ajitpur electricity substation case engineer assault FIR update. रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अजीतपुर विद्युत उपकेंद्र में हंगामा करने, कर्मचारियों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने चार नामजद समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य की तहरीर पर की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजीतपुर विद्युत उपकेंद्र में मचा बवाल
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में सरकारी ड्यूटी के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अजीतपुर विद्युत उपकेंद्र में कुछ लोगों ने जबरन घुसकर न केवल हंगामा किया, बल्कि वहां तैनात अवर अभियंता (जेई) और उनके स्टाफ के साथ बदसलूकी भी की। इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
घटना 14 जुलाई 2026 की रात की है। उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि रात करीब 11:15 बजे वे अपनी टीम के साथ बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान बिजली कटौती की शिकायतों को लेकर कुछ लोग उपकेंद्र पर पहुंचे।
नामजद आरोपियों ने किया उपकेंद्र पर हमला
शिकायत के अनुसार, भीड़ का फायदा उठाते हुए कुंवर पाल गुर्जर, लालू सक्सेना, अभिनव सागर और आशीष सागर अपने साथ करीब 15 से 20 अज्ञात लोगों को लेकर जबरन उपकेंद्र के भीतर घुस आए। इन लोगों ने परिसर में मौजूद कर्मचारियों के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि बिजली व्यवस्था को बंद करने का दबाव भी बनाया।
अवर अभियंता का आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और उपकेंद्र का माहौल खराब करने का प्रयास किया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों को भी उकसाया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के बाधित होने का खतरा पैदा हो गया था।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। अवर अभियंता अर्जुन कुमार मौर्य की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चार नामजद व्यक्तियों और 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपकेंद्र पर मौजूद साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों और विशेषकर बिजली उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्यूटी के दौरान इस तरह की अभद्रता और सरकारी काम में बाधा डालना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। क्षेत्र में इस घटना की चर्चा जोरों पर है और बिजली विभाग के कर्मचारी भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के बाद सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
