ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

राजस्थान: सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले 80 लोगों को जेल, प्रशासन का सख्त रुख

मनोहरथाना क्षेत्र के पटवार मंडल सरेड़ी में चारागाह और सिवचक भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अतिक्रमण के मामलों की सुनवाई के लिए आयोजित विशेष शिविर में 61 अतिक्रमियों को एक-एक माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई गई।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

13 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
राजस्थान: सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले 80 लोगों को जेल, प्रशासन का सख्त रुख
मूल स्रोत

सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन का कड़ा एक्शन

राजस्थान के मनोहरथाना क्षेत्र में सरकारी और चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सरेड़ी पटवार मंडल के अंतर्गत आने वाली सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण के मामलों में सुनवाई करते हुए अधिकारियों ने 80 लोगों को एक-एक महीने के सिविल कारावास की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई सरकारी भूमि को मुक्त कराने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष शिविर के दौरान की गई।

प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर में सरेड़ी क्षेत्र से जुड़े अतिक्रमण के कुल 131 मामले सामने आए थे। इन मामलों की गहन सुनवाई के बाद 61 लोगों को दोषी पाया गया और उन्हें एक माह की जेल की सजा सुनाई गई। इससे पहले, इसी तरह की कार्रवाई करते हुए आंवलाहेड़ा क्षेत्र में भी 19 लोगों को सजा दी गई थी। इस प्रकार, कुल 80 लोगों को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के लिए दंडित किया गया है।

अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त चेतावनी

तहसीलदार माधोलाल बैरवा ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी अतिक्रमणकारियों से अपील की है कि वे सरकारी और चारागाह भूमि से अपना कब्जा स्वेच्छा से हटा लें। प्रशासन का मानना है कि यदि लोग स्वयं जमीन खाली नहीं करते हैं, तो विभाग के पास नियमानुसार बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। यह चेतावनी उन सभी लोगों के लिए है जिन्होंने सरकारी संपत्ति को निजी उपयोग के लिए दबा रखा है।

प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरेड़ी और आंवलाहेड़ा में हुई हालिया सजाओं ने उन लोगों में हड़कंप मचा दिया है जो लंबे समय से सरकारी जमीन पर काबिज थे। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह की विशेष सुनवाई जारी रहेगी ताकि सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित किया जा सके।

लगातार जारी रहेगा अभियान

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का यह रुख स्पष्ट है कि किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विशेष शिविरों के माध्यम से मामलों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया में देरी न हो। सरेड़ी पटवार मंडल में हुई 61 लोगों की सजा और आंवलाहेड़ा के 19 लोगों की सजा इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन अब अवैध कब्जे के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारागाह और सिवचक भूमि पर अतिक्रमण न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह आम जनता के अधिकारों का भी हनन है। भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी और उन सभी लोगों को चिन्हित किया जाएगा जिन्होंने सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण या खेती कर रखी है। प्रशासन की इस मुहिम से सरकारी संपत्ति को वापस हासिल करने में मदद मिलेगी।

अतिक्रमणकारियों को यह समझना होगा कि कानून का उल्लंघन करने पर उन्हें जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है। तहसीलदार द्वारा दी गई चेतावनी के बाद अब देखना यह है कि कितने लोग स्वेच्छा से जमीन खाली करते हैं। प्रशासन ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी नए अतिक्रमण को रोकने के लिए भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।

यह पूरी प्रक्रिया सरकारी भूमि के संरक्षण और उसके उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। मनोहरथाना क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण है, जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की समस्या बनी हुई है। प्रशासन की ओर से की गई यह कार्रवाई आने वाले समय में और अधिक प्रभावी होने की संभावना है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें