रायसेन: बैंक कियोस्क में लाखों का गबन, विधवाओं और मजदूरों की जमा-पूंजी लेकर फरार हुआ संचालक

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक बैंक कियोस्क संचालक द्वारा की गई बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सांची रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) के संचालक पर लाखों रुपये के गबन का आरोप है। इस घटना के बाद से संचालक गोपाल सिंह राजपूत फरार है, जिससे कई गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत की कमाई खतरे में पड़ गई है।
विधवाओं और मजदूरों की जमा-पूंजी पर डाका
इस धोखाधड़ी का शिकार हुई तिपट्टा बाजार निवासी नुसरत बी ने बताया कि अपने पति के निधन के बाद उन्होंने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 3.70 लाख रुपये की एफडी करवाई थी। संचालक ने उन्हें बैंक की सील लगी रसीदें भी दी थीं, लेकिन जब उन्होंने बैंक जाकर जांच की तो वे दस्तावेज पूरी तरह फर्जी निकले। नुसरत बी की तरह ही कई अन्य लोग भी अपनी जमा राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इसी तरह, गुलस्ता बी ने अपना मकान बेचकर मिली राशि में से 1.70 लाख रुपये कियोस्क में जमा किए थे, लेकिन अब उनके खाते में मात्र 10 हजार रुपये ही शेष बचे हैं। वहीं, भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले जमना प्रसाद ने भी अपनी वर्षों की बचत के 31 हजार रुपये कियोस्क में जमा किए थे, जो अब गायब हैं।
अंगूठा लगवाकर निकाले पैसे
वार्ड-3 की निवासी रचना यादव ने मजदूरी करके अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए 37 हजार रुपये जमा किए थे। आरोप है कि कियोस्क संचालक ने उनसे अंगूठा लगवाकर 25 हजार रुपये निकाल लिए और उन्हें पैसे भी नहीं दिए। जब रचना ने अपनी पासबुक अपडेट कराई, तो खाते में केवल 12 हजार रुपये बचे थे। जब वह पैसे मांगने पहुंचीं तो कियोस्क सेंटर बंद मिला।
प्राथमिक अनुमान के अनुसार, इस वित्तीय अनियमितता का आंकड़ा 40 लाख रुपये तक हो सकता है। 6 और 7 जुलाई को सामने आए इस मामले ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया है। पीड़ित परिवार अब अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए बैंक और पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं।
पुलिस और बैंक प्रबंधन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसबीआई शाखा प्रबंधक अविनाश कुमार ने कहा कि शिकायतों के आधार पर सभी खातों के लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है और जांच पूरी होने के बाद आरोपी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
रायसेन कोतवाली के टीआई नरेंद्र गोयल ने पुष्टि की है कि थाने में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस फिलहाल इन शिकायतों का परीक्षण कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही फरार संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिलहाल, आरोपी संचालक गोपाल सिंह राजपूत का कोई सुराग नहीं मिल सका है। स्थानीय प्रशासन और बैंक प्रबंधन इस पूरे घोटाले की परतें खोलने में जुटे हैं ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
