प्रतापगढ़: जीरावता स्कूल में शिक्षकों का भारी टोटा, 310 छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट
Pratapgarh Jiravta School teacher shortage protest updates. स्कूल में कक्षा 1 से 12वीं तक लगभग 310 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल को वर्ष 2021-22 में उच्च प्राथमिक से माध्यमिक और वर्ष 2022-23 में उच्च माध्यमिक स्कूल में क्रमोन्नत किया गया था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के दलोट ब्लॉक स्थित जीरावता ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल प्रभाव से शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
क्रमोन्नत हुआ स्कूल, लेकिन नहीं मिले शिक्षक
स्कूल के प्रशासक भेरूलाल मीणा ने जानकारी दी कि वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक करीब 310 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने स्कूल का स्तर तो बढ़ा दिया, लेकिन संसाधन उपलब्ध नहीं कराए। वर्ष 2021-22 में इसे उच्च प्राथमिक से माध्यमिक और 2022-23 में उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया था। स्कूल का स्तर बढ़ने के बावजूद यहां पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है।
वर्तमान स्थिति यह है कि 310 विद्यार्थियों के लिए स्कूल में केवल 5 कार्मिक ही कार्यरत हैं। इतने कम स्टाफ के साथ पूरे विद्यालय का संचालन करना लगभग असंभव हो गया है, जिसका सीधा असर बच्चों के शैक्षणिक स्तर पर पड़ रहा है।
महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापक और व्याख्याता के सभी पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। वर्तमान में जो भी शिक्षक कार्यरत हैं, वे सभी तृतीय श्रेणी के हैं। कला संकाय जैसे महत्वपूर्ण विषयों में हिंदी साहित्य, संस्कृत और इतिहास पढ़ाने के लिए कोई भी व्याख्याता उपलब्ध नहीं है। विषय विशेषज्ञों के अभाव में छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं और बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को लेकर भी अभिभावकों में डर बना हुआ है।
अभिभावकों का तर्क है कि जब सरकार ने स्कूल को उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत किया है, तो उसके अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों को न केवल पाठ्यक्रम पूरा करने में दिक्कत आ रही है, बल्कि उन्हें अन्य गतिविधियों में भी पिछड़ना पड़ रहा है।
प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर विद्यालय में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार न होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
जीरावता ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेगा और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। फिलहाल, क्षेत्र के लोग प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
