पलवल में 53 हजार वोट काटने का मामला: पूर्व मंत्री करण दलाल ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
Palwal voter list deletion row, Karan Singh Dalal slams BJP government. पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने अपने निवास न्यू कॉलोनी में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी देते हुए भाजपा सरकार पर जनता के साथ छल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे में एसआईआर के तहत 53 हजार मतदाताओं के नाम काटा जाना भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

हरियाणा के पलवल विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान क्षेत्र के करीब 53 हजार मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं।
मतदाताओं की संख्या में विसंगति का दावा
अपने निवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान करण सिंह दलाल ने पिछले एक दशक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में पलवल में कुल मतदाताओं की संख्या 1,96,480 थी, जो 2019 में बढ़कर 2,28,647 हो गई। वहीं, 2024 के चुनावों तक यह आंकड़ा 2,69,412 तक पहुंच गया था। दलाल का तर्क है कि जब पिछले दस वर्षों में 73 हजार नए नाम जोड़े गए थे, तो अचानक इतनी बड़ी संख्या में नाम काटा जाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि अकेले पलवल शहर के विभिन्न बूथों से 38 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया है।
भाजपा पर मिलीभगत का आरोप
करण दलाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2014 के बाद से ही पार्टी ने प्रशासन के साथ मिलकर 'अवैध' वोट बनवाने का सिलसिला शुरू किया था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पदाधिकारी, विधायक और मंत्रियों ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ऐसे वोट बनवाए, जिनके आधार पर सत्ता हासिल की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों पर एक से अधिक बार दर्ज करवाए हैं।
दलाल ने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग राम का नाम लेते हैं, उनके कार्य रावण की तरह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के हितों को दरकिनार कर सत्ता के दुरुपयोग के जरिए मतदाता सूचियों में हेरफेर की गई है।
कानूनी लड़ाई की चेतावनी
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी है कि वे इस पूरे मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ ऐसे वोटों का रिकॉर्ड पहले से मौजूद है, जो गलत तरीके से बनवाए गए थे, और वे अन्य सबूत भी एकत्रित कर रहे हैं। दलाल ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इन सबूतों के साथ बड़ा खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद पलवल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग कर सकते हैं। फिलहाल, भाजपा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

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मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
