पलवल: हनीट्रैप केस में समझौता कराने के नाम पर 2 लाख की रिश्वत लेते ASI गिरफ्तार
पलवल में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस के ईएसआई होशियार सिंह को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। ईएसआई होशियार सिंह पर हरियाणा पुलिस के पूर्व एएसआई हंसराज से हनीट्रैप मामले में समझौता कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पलवल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
हरियाणा के पलवल जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चांदहट थाना क्षेत्र में तैनात हरियाणा पुलिस के ईएसआई होशियार सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पुलिसकर्मी पर एक पुराने मामले में समझौता कराने के बदले अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ईएसआई होशियार सिंह ईआरवी (ERV) प्रभारी के पद पर कार्यरत था। विजिलेंस की टीम ने एक गुप्त सूचना और शिकायत के आधार पर जाल बिछाया, जिसके बाद आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ दबोच लिया गया। इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला और हनीट्रैप से संबंध
यह पूरा मामला वर्ष 2023 में पलवल के कैंप थाना में दर्ज एक हनीट्रैप प्रकरण से जुड़ा हुआ है। उस समय ईएसआई होशियार सिंह स्वयं इस मामले में शिकायतकर्ता की भूमिका में थे। जांच के दौरान अन्य सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर हरियाणा पुलिस के पूर्व एएसआई हंसराज का नाम भी इस केस में शामिल कर लिया गया था, जो वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं।
आरोप है कि ईएसआई होशियार सिंह ने पूर्व एएसआई हंसराज को इस मामले में समझौता कराने का झांसा दिया। इसके बदले में उसने हंसराज से दो लाख रुपये की मांग की। परेशान होकर हंसराज ने फरीदाबाद स्थित विजिलेंस विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।
विजिलेंस का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही ईएसआई होशियार सिंह ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने रिश्वत के नोट बरामद कर लिए और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विजिलेंस विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या आरोपी ने इस तरह से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल आरोपी ईएसआई से पूछताछ की जा रही है ताकि मामले से जुड़ी अन्य कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!