नोएडा: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर व्यक्ति से 16.49 लाख की ठगी, टेलीग्राम के जरिए बिछाया जाल
Noida online trading scam victim duped of 16 lakh via telegram app. साइबर अपराधियों ने ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 16.49 लाख की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर आम लोगों को अपना निशाना बनाया है। सेक्टर-49 के बरौला स्थित राजपूत कॉलोनी के रहने वाले एक व्यक्ति को मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 16.49 लाख रुपये की चपत लगाई गई है। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
टेलीग्राम के जरिए शुरू हुआ ठगी का खेल
घटना की शुरुआत 23 नवंबर 2025 को हुई, जब पीड़ित को टेलीग्राम पर 'वीनी' नाम की एक आईडी से संपर्क किया गया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने पीड़ित को एक कथित 'ओबरॉय रियलिटी' नाम के टेलीग्राम ग्रुप में शामिल कर लिया। इस ग्रुप में निवेश के जरिए घर बैठे लाखों रुपये कमाने के लुभावने वादे किए गए थे। शुरुआती दौर में आरोपियों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए छोटे निवेश पर कुछ लाभ भी दिखाया, जिससे पीड़ित को लगा कि यह एक वैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है।
भरोसा कायम होने के बाद, जालसाजों ने पीड़ित को बड़ी रकम निवेश करने के लिए उकसाना शुरू कर दिया। 23 नवंबर से 3 दिसंबर 2025 के बीच, पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। इन किस्तों की राशि 6,999 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक थी। कुल मिलाकर पीड़ित ने 16 लाख 49 हजार 607 रुपये इन संदिग्ध खातों में जमा कर दिए।
मुनाफा मांगने पर बंद किया संपर्क
जब पीड़ित ने अपनी निवेश की गई मूल राशि और उस पर मिलने वाले मुनाफे की मांग की, तो आरोपियों ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। उन्होंने पीड़ित से संपर्क करना बंद कर दिया और टेलीग्राम ग्रुप से भी उसे हटा दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने 11 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की पड़ताल कर रही है जिनमें पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे। अधिकारियों का कहना है कि इन खातों के ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और साइबर नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और सतर्कता
जांच के क्रम में पुलिस ने उन बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित साइबर गिरोह का काम हो सकता है जो टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके लोगों को झांसे में लेते हैं। आरोपियों की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी अनजान टेलीग्राम ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापन के झांसे में आकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश न करें। किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से पहले उसकी आधिकारिक वैधता की जांच करना और सेबी (SEBI) द्वारा पंजीकृत संस्थाओं के बारे में जानकारी लेना अनिवार्य है। बिना सत्यापन के किसी भी अज्ञात खाते में पैसा ट्रांसफर करना जोखिम भरा हो सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
