NEET UG पेपर लीक मामला: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, NTA की भूमिका पर जारी है जांच
NEET UG paper leak CBI chargesheet filed Delhi court investigation status. CBI ने NEET UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट CBI की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा दायर की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट में सौंपी चार्जशीट
नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा दायर इस चार्जशीट में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की है। साथ ही, अदालत ने सीबीआई को चार्जशीट के सभी परिशिष्ट जमा करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया है।
जांच के दायरे में आए इन 13 आरोपियों में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार और डॉ. मनोज शिरूरे शामिल हैं। इनके अलावा शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार का नाम भी प्रमुखता से लिया गया है। इनमें से कई आरोपी विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
सबूतों का जाल और व्यापक जांच
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट को पुख्ता बनाने के लिए 360 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं और 422 दस्तावेजों को सबूत के तौर पर पेश किया है। इसके अलावा 43 अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। जांच के दौरान एजेंसी ने दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की थी, जहां से लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए। इन सबूतों के आधार पर पेपर लीक की पूरी कड़ियों को जोड़ने का दावा किया जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग भी इस रैकेट का हिस्सा थे, जिन्होंने लीक प्रश्नपत्रों को हासिल कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। सीबीआई ने इन आरोपियों के बैंक खातों, लॉकर और डीमैट खातों को फ्रीज कर दिया है ताकि अवैध रूप से अर्जित संपत्ति पर रोक लगाई जा सके।
NTA अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
इस मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की भूमिका भी लगातार जांच के घेरे में है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी के अधिकारियों की मिलीभगत की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। हाल ही में 47 NTA अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद से इस जांच ने और जोर पकड़ लिया है। 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर दर्ज की गई इस एफआईआर के बाद से ही सीबीआई मामले की तह तक जाने के लिए लगातार काम कर रही है।
NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई। स्थिति को देखते हुए सरकार और NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान देश भर में छात्रों के बीच भारी आक्रोश देखा गया और कई दुखद घटनाएं भी सामने आईं।
आगे की राह
आगामी 3 अगस्त को होने वाली सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी। सीबीआई का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है। इस मामले ने देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते सरकार अब सख्त कानून लाने की दिशा में भी कदम उठा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
