मुजफ्फरपुर मरीन ड्राइव पर अवैध बोटिंग का खेल: सुरक्षा को ताक पर रखकर वसूली जा रही मोटी रकम
Muzaffarpur Marine Drive illegal boat operation safety violation news. मुजफ्फरपुर के चर्चित मरीन ड्राइव पर इन दिनों अवैध तरीके से बोट संचालन का मामला सामने आया है। आरोप है कि शाम होते ही बिना नगर निगम या संबंधित प्राधिकरण की अनुमति के निजी नावें चलाई जा रही हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जान जोखिम में डालकर बोटिंग
मुजफ्फरपुर का मरीन ड्राइव इन दिनों एक गंभीर विवाद के केंद्र में है। शहर के इस प्रमुख आकर्षण स्थल पर इन दिनों अवैध रूप से नावों का संचालन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शाम ढलते ही यहां निजी नावों का जमावड़ा लग जाता है, जिन्हें चलाने के लिए न तो नगर निगम से अनुमति ली गई है और न ही किसी संबंधित प्राधिकरण से कोई आधिकारिक मंजूरी प्राप्त है।
सबसे चिंताजनक पहलू सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से नदारद होना है। बोटिंग के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। सामने आए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से स्पष्ट है कि नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है, जो किसी भी समय एक बड़ी जल दुर्घटना को न्योता दे सकता है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मौके पर कोई भी सुरक्षा उपकरण या प्रशिक्षित बचाव दल मौजूद नहीं है।
बोटिंग के नाम पर अवैध वसूली का धंधा
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस अवैध बोटिंग के जरिए हर दिन मोटी कमाई की जा रही है। प्रति व्यक्ति 50 से 100 रुपये तक की वसूली की जा रही है, जबकि इस गतिविधि का कोई सरकारी रिकॉर्ड या वैध टेंडर नहीं है। इस तरह की अनधिकृत गतिविधियों से न केवल आम जनता की जान जोखिम में है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।
मौके पर तैनात सुरक्षा गार्डों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बोटिंग का संचालन कुछ प्रभावशाली लोगों की देखरेख में हो रहा है। हालांकि, किसी ने भी खुलकर इन संचालकों के नाम उजागर नहीं किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस गोरखधंधे के पीछे एक संगठित तंत्र काम कर रहा है जो प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठा रहा है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त ऋतु राज प्रताप सिंह ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मरीन ड्राइव पर किसी भी प्रकार के अवैध बोट संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। नगर आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने को कहा है।
नगर आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो अवैध बोटिंग पर तत्काल रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस अवैध कारोबार में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की राह और सुरक्षा की चुनौती
प्रशासन के इस रुख के बाद अब स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मरीन ड्राइव पर जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होगी। हालांकि, सवाल यह उठता है कि बिना अनुमति के इतने दिनों तक यह अवैध कारोबार कैसे चलता रहा और इसमें स्थानीय स्तर पर किसकी मिलीभगत थी। प्रशासन की आगामी कार्रवाई ही यह तय करेगी कि मरीन ड्राइव आने वाले पर्यटकों के लिए कितना सुरक्षित साबित होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
