मुजफ्फरपुर: एआई का सहारा लेकर व्यवसायी को हनीट्रैप में फंसाया, 97 लाख की वसूली

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक होटल व्यवसायी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके हनीट्रैप में फंसाया गया। पीड़ित व्यवसायी से न केवल 97 लाख रुपये की बड़ी रकम वसूल ली गई, बल्कि उनसे और भी अधिक पैसों की मांग की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे रची गई साजिश
प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ित व्यवसायी नीतीश कुमार का संपर्क एक युवती से हुआ था। युवती को नौकरी दिलाने के बहाने व्यवसायी ने उसे अपने करीब आने का मौका दिया। इस दौरान युवती ने चुपके से व्यवसायी की कई निजी तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद कर लीं। इन तस्वीरों का इस्तेमाल बाद में एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया।
युवती ने अपने दो सहयोगियों, अभिषेक और पंकज के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया। इन लोगों ने एआई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए व्यवसायी की उन तस्वीरों को अश्लील रूप दे दिया। इन फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए आरोपियों ने व्यवसायी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
97 लाख रुपये की वसूली और डेढ़ करोड़ की मांग
आरोपियों ने व्यवसायी को बदनामी का डर दिखाकर डराना-धमकाना शुरू किया। व्यवसायी ने अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए आरोपियों की मांगें पूरी करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे करके आरोपियों ने उनसे कुल 97 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। हालांकि, इतने पैसे मिलने के बाद भी आरोपियों की भूख कम नहीं हुई और उन्होंने व्यवसायी से डेढ़ करोड़ रुपये की और रंगदारी की मांग कर दी।
लगातार बढ़ रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर व्यवसायी ने अंततः पुलिस की शरण ली। उन्होंने अहियापुर थाने में युवती और उसके दोनों साथियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। व्यवसायी का कहना है कि उसे लगातार जान से मारने और तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी दी जा रही थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि एआई का गलत इस्तेमाल कर अश्लील तस्वीरें बनाना एक गंभीर अपराध है। इस मामले ने तकनीक के दुरुपयोग को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब उन डिजिटल साक्ष्यों को जुटा रही है जिनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया था।
फिलहाल, इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ब्लैकमेलिंग के दबाव में न आएं और ऐसी स्थिति में तुरंत कानूनी सहायता लें। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हो पाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
