मेरठ: मोदीपुरम की सोसाइटी में लिफ्ट खराब होने से 15 मिनट तक फंसे रहे 6 लोग, मची अफरा-तफरी
Residents trapped inside lift at Modipuram residential colony, rescued by police. मेरठ के मोदीपुरम इलाके में एक रेजिडेंशियल कॉलोनी की लिफ्ट में मंगलवार रात 5 से 6 लोग फंस गए। करीब 15 मिनट तक यह लोग लिफ्ट में फंस रहे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

लिफ्ट में फंसे लोगों की अटकी रहीं सांसें
मेरठ के मोदीपुरम स्थित सुपरटेक स्पोर्ट्स सिटी के एफ-1 टावर में मंगलवार देर शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। आवासीय परिसर की लिफ्ट में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण 6 लोग बीच रास्ते में ही फंस गए। लिफ्ट के अचानक रुकने से अंदर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और करीब 15 मिनट तक उनकी सांसें अटकी रहीं।
घटना के समय लिफ्ट में एक महिला, उनके पति जय सिंह भदोरिया और एक बच्चा समेत कुल 6 लोग सवार थे। लिफ्ट के बीच में अटकते ही वहां अंधेरा छा गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। शुरुआती कुछ मिनटों तक लोग शांत रहे, लेकिन अंधेरा बढ़ने और उमस के कारण घबराहट होने पर महिला और बच्चे ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से हुआ रेस्क्यू
लिफ्ट के अंदर से आ रही आवाजें सुनकर आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भी सूचित किया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से लिफ्ट के दरवाजे को किसी तरह खोला गया और सभी 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू किए गए लोगों ने बताया कि लिफ्ट के अंदर बिजली जाने के बाद कोई आपातकालीन रोशनी की व्यवस्था नहीं थी, जिससे अंधेरे में दम घुटने जैसा महसूस हो रहा था। उमस और गर्मी के कारण अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोसाइटी प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले निवासियों ने प्रबंधन समिति के खिलाफ गंभीर नाराजगी जाहिर की है। टावर के निवासियों का कहना है कि 14 मंजिला इस इमारत में कुल 206 फ्लैट हैं, लेकिन यहां लगी दो लिफ्टों में से एक पिछले डेढ़ महीने से खराब पड़ी है। प्रबंधन द्वारा उसे ठीक कराने में बरती जा रही लापरवाही के कारण निवासियों को आए दिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
निवासियों ने आरोप लगाया कि लिफ्ट में बिजली जाने के बाद बैकअप की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। जनरेटर के संचालन के बावजूद लिफ्ट का बीच रास्ते में रुक जाना और अंदर रोशनी न होना प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द खराब लिफ्ट को दुरुस्त किया जाए और सुरक्षा मानकों की जांच की जाए।
फिलहाल, इस घटना के बाद से सोसाइटी के अन्य निवासियों में भी डर का माहौल है। लिफ्ट में फंसे लोगों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और आगे की कार्रवाई के लिए सोसाइटी प्रबंधन से जवाब-तलब किया जा सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
