सोनम वांगचुक की हिरासत पर मनीष सिसोदिया का केंद्र पर हमला, कहा- 'जादूगर' की तरह गायब किया
AAP leader Manish Sisodia slams PM Modi over Sonam Wangchuk protest support at Jantar Mantar. नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि 20 दिनों तक सोनम वांगचुक के आंदोलन को नजरअंदाज करने के बाद, जब सरकार ने देखा

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने लद्दाख की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री पर 'जादूगर' होने का तंज
सिसोदिया ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 20 दिनों तक सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण आंदोलन को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार ने देखा कि इस आंदोलन में युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, तो प्रधानमंत्री ने एक 'जादूगर' की तरह खेल खेला।
आप नेता ने आगे कहा कि बचपन में जैसे जादूगर चादर दिखाकर लोगों को गायब कर देते थे, ठीक उसी तरह कल रात जंतर-मंतर पर सफेद चादरों का इस्तेमाल कर सोनम वांगचुक को वहां से हटा दिया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को जबरन अस्पताल भेजकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
सिसोदिया ने केवल लद्दाख मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रधानमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वे यह सोच रहे थे कि काश प्रधानमंत्री जी यही 'सफेद चादर वाला जादू' देश के शिक्षा मंत्री की कुर्सी के सामने भी दिखा देते। उनका इशारा शिक्षा मंत्रालय में व्याप्त कथित खामियों और मंत्री की कार्यप्रणाली की ओर था।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार इसी तरह का जादू शिक्षा मंत्रालय में दिखाती, तो वहां से भी संबंधित व्यक्ति गायब हो जाता और शायद शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा सकती थी। उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद समर्थकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
आंदोलन और सरकारी तंत्र का टकराव
आम आदमी पार्टी का स्पष्ट आरोप है कि केंद्र सरकार लद्दाख की जनता की मांगों को सुनने के बजाय पुलिस और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी का मानना है कि सोनम वांगचुक का आंदोलन लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है, जिसे सरकार अपनी तानाशाही से कुचलना चाहती है।
सिसोदिया के इस प्रदर्शन में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले काफी समय से लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य के दर्जे की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। अब इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के खुलकर समर्थन में आने से यह मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
फिलहाल, जंतर-मंतर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे विरोध प्रदर्शनों को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
