मंदसौर पशुपतिनाथ मंदिर: दान पेटियों से निकले 31 लाख से अधिक, विदेशी मुद्रा भी हुई प्राप्त
विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। मंदिर की दान पेटियों की दो दिन तक चली गणना में 31 लाख 40 हजार 20 रुपए की नकद राशि मिली।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दो दिनों तक चली दान गणना में सामने आए आंकड़े
मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भक्तों की अटूट आस्था का प्रमाण दान पेटियों से प्राप्त राशि के रूप में सामने आया है। हाल ही में मंदिर प्रबंधन द्वारा आयोजित दो दिवसीय दान गणना प्रक्रिया में कुल 31 लाख 40 हजार 20 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रबंधन समिति ने विशेष निगरानी में गणना का कार्य संपन्न कराया।
गणना के पहले दिन यानी 15 जुलाई को 24 लाख 2 हजार 450 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। इसके अगले दिन, 16 जुलाई को 7 लाख 37 हजार 570 रुपये की गणना की गई। नकद राशि के अतिरिक्त, दान पेटियों से 8 ग्राम सोना और 190 ग्राम चांदी के आभूषण भी निकले हैं, जो श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के प्रति समर्पित किए गए थे।
सात देशों की मुद्रा ने बढ़ाया मंदिर का वैश्विक महत्व
पशुपतिनाथ मंदिर की दान पेटियों में केवल भारतीय मुद्रा ही नहीं, बल्कि सात अलग-अलग देशों की विदेशी मुद्राएं भी मिली हैं। इनमें मलेशिया, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), थाईलैंड, कजाकिस्तान और ब्राजील जैसे देशों के सिक्के और नोट शामिल हैं। विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पशुपतिनाथ मंदिर की ख्याति अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है और विदेशों से आने वाले पर्यटक भी यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
प्रबंधन समिति के अनुसार, विदेशी मुद्रा का दान में मिलना मंदिर के धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। यह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी श्रद्धालुओं के बीच मंदिर की बढ़ती आस्था को प्रमाणित करता है।
वर्ष 2026 में अब तक एक करोड़ से अधिक का चढ़ावा
वर्ष 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो मंदिर को प्राप्त होने वाले दान में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। इस वर्ष अब तक चार चरणों में दान पेटियों की गणना की जा चुकी है। जनवरी में 25 लाख 43 हजार 350 रुपये, मार्च में 24 लाख 27 हजार 670 रुपये, मई में 22 लाख 31 हजार रुपये और जुलाई में 31 लाख 40 हजार 20 रुपये का दान प्राप्त हुआ है। इन चारों चरणों को मिलाकर कुल दान राशि 1 करोड़ 3 लाख 60 हजार 40 रुपये तक पहुंच गई है।
मंदिर प्रबंधन का मानना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर के प्रति उनकी गहरी आस्था के कारण दान राशि में यह उछाल देखने को मिल रहा है। प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर के विकास कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन और भविष्य की संभावनाएं
मंदसौर का पशुपतिनाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन उद्योग की रीढ़ भी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन स्थानीय अर्थव्यवस्था और धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान कर रहा है। मंदिर समिति आने वाले समय में दर्शनार्थियों के लिए और अधिक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर काम कर रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
