मंडला में 'रज़ा स्मृति 2026' का भव्य आगाज: छह दिनों तक कला और संस्कृति का रहेगा संगम
Mandla Raza Smriti 2026 art exhibition inauguration cultural program updates. महान चित्रकार दिवंगत सैयद हैदर रज़ा की याद में शनिवार शाम से मंडला की रज़ा कला वीथिका में छह दिवसीय रज़ा स्मृति 2026 का शुभारंभ हो गया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा और कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने संयुक्त रूप से इस कला उत्सव का उद्घाटन किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में महान चित्रकार दिवंगत सैयद हैदर रज़ा की स्मृतियों को संजोने के लिए 'रज़ा स्मृति 2026' का औपचारिक शुभारंभ शनिवार शाम को हुआ। स्थानीय रज़ा कला वीथिका में आयोजित इस छह दिवसीय कला महोत्सव का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा और कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने संयुक्त रूप से किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कला के प्रति रज़ा के समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुँचाना और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है।
कला और संस्कृति का अनूठा संगम
महोत्सव के पहले दिन से ही रज़ा कला वीथिका में स्थानीय और युवा कलाकारों की कृतियों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रदर्शनी में आधुनिक चित्रकला के साथ-साथ मंडला की पहचान रही पारंपरिक गोंड चित्रकला शैली को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है। यह प्रदर्शनी न केवल कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि जिले की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत कर रही है।
आयोजन के अगले चरणों में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यशालाएं तैयार की गई हैं। रविवार, 19 जुलाई को 'माटी पर रंग' और 'छाते पर रंग' जैसी कार्यशालाओं का आयोजन होगा। रज़ा फाउंडेशन की ओर से इन कार्यशालाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को मुफ्त सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और उन्हें मिट्टी के बर्तन बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा, माहिष्मती घाट पर लकड़ी पर नक्काशी की लाइव कार्यशाला भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी।
सांस्कृतिक संध्या और साहित्य का समागम
महोत्सव के दौरान 19 से 23 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से माहिष्मती घाट पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इन शामों में देश के विभिन्न कोनों से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में नृत्य, गायन, पंडवानी, उर्दू काव्य पाठ और मणिपुरी नृत्य जैसी विधाएं शामिल हैं, जो मंडला की शाम को कलामय बना देंगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बौद्धिक चर्चाओं का भी आयोजन किया गया है। होटल ग्रैंड किंगफिशर में 20 से 22 जुलाई तक 'साहित्य और प्रकृति' विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार शिरकत करेंगे और प्रकृति व साहित्य के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा करेंगे।
पुष्पांजलि के साथ समापन
छह दिनों तक चलने वाला यह कला उत्सव 23 जुलाई को संपन्न होगा। समापन के दिन बिंझिया कब्रिस्तान में सैयद हैदर रज़ा और उनके पिता की मजार पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। यह भावपूर्ण श्रद्धांजलि महान कलाकार को याद करने का एक जरिया होगी। रज़ा फाउंडेशन ने जिले के सभी कला प्रेमियों और नागरिकों से इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है।
मंडला में आयोजित यह महोत्सव न केवल रज़ा की कलात्मक विरासत को सम्मान देता है, बल्कि यह स्थानीय कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा अवसर भी है। प्रशासन और रज़ा फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन कला संस्कृति के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में अग्रसर है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
