सतना: जंगल में मिला बालक का क्षत-विक्षत शव, जंगली जानवर के हमले की आशंका के बीच परिजनों ने जताई हत्या की साजिश
Satna Majhgawan Pidra village child death mystery wild animal attack suspicion latest news updates. शुक्रवार को जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रात को आई प्रारंभिक रिपोर्ट में जंगली जानवर के हमले के संकेत मिले हैं, हालांकि मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए फोरेंसिक जांच आवश्यक बताई गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सतना के पिंडरा गांव में सनसनीखेज घटना
सतना जिले के मझगवां थाना अंतर्गत पिंडरा गांव में 9 वर्षीय नितिन यादव का शव जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बालक का शव घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ। इस घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस पैनल में मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर बाघमारे सहित दो अन्य चिकित्सक शामिल थे। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में शरीर पर जंगली जानवर के हमले के स्पष्ट संकेत मिले हैं, हालांकि पुलिस अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बिंदु
डॉक्टरों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में बच्चे के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिसके बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरने के कारण भी हो सकते हैं। इसके अलावा, गाल पर रगड़ के निशान मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि शव को किसी जंगली जानवर द्वारा घसीटा गया होगा। कमर के निचले हिस्से में भी पंजों के गहरे निशान देखे गए हैं।
जांच को पुख्ता बनाने के लिए डॉक्टरों ने बिसरा, स्किन स्वाब और जबड़े के नमूने सुरक्षित कर लिए हैं। स्किन स्वाब और बिसरा को रीवा स्थित फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा, जबकि डीएनए परीक्षण के लिए जबड़े को भोपाल भेजा गया है। इन रिपोर्टों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या बच्चे की मौत जंगली जानवर के हमले से हुई या फिर किसी ने उसे पहले निशाना बनाया था।
परिजनों का आरोप और पुरानी रंजिश का एंगल
मृतक बालक के परिजनों ने इस घटना को महज एक हादसा मानने से इनकार कर दिया है। परिवार का सीधा आरोप पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर है, जो रिश्ते में बच्चे का चाचा लगता है। परिजनों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। हालांकि, यह मामला पहले कभी पुलिस तक नहीं पहुंचा था, लेकिन इस घटना के बाद से परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण जमीन पर किसी भी जंगली जानवर के पगमार्क नहीं मिल सके। वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है, जिससे जांच में मदद मिल सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की दिशा
मझगवां थाना प्रभारी आदित्य धुर्वे ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। इसमें पारिवारिक विवाद और जंगली जानवर के हमले, दोनों ही संभावनाओं को केंद्र में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।
फिलहाल, पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के समय के आसपास की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। जांच के परिणाम आने के बाद ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
