कोटपूतली: पागल कुत्ते का आतंक, एक ही गांव के 13 लोग हुए शिकार
Khadki Veerbhan mad dog attack update. 13 people bitten, rushed to hospital for treatment. कोटपूतली के खेड़की वीरभान गांव में आज एक कुत्ते ने 13 लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला, पुरुष और बच्चे घायल हुए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

खेड़की वीरभान गांव में मची अफरा-तफरी
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के खेड़की वीरभान गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक आवारा कुत्ते ने अचानक लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। इस घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। कुत्ते के इस हिंसक व्यवहार से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने घायलों को संभालने का प्रयास किया और आनन-फानन में सभी को उपचार के लिए कोटपूतली स्थित राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में घायलों की भीड़ के कारण अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही, लेकिन चिकित्सा कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए घायलों को प्राथमिक उपचार देना शुरू किया।
अस्पताल में चल रहा घायलों का उपचार
जिला अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में तैनात नर्सिंग अधिकारी श्रीराम सराधना ने जानकारी दी कि सभी 13 घायलों को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में कविराज (10), सुभाष (20), ममता (35), रामा (25), महेश (21), तारामणी (37), मदन (30), सरिता (22), कैलाश (42), राजेंद्र (19), माया (40), पूरण (22) और प्रकाश (36) शामिल हैं। सभी को रेबीज का टीका लगाया जा रहा है और घावों की मरहम-पट्टी की जा रही है।
चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। हालांकि, कुत्ते के काटने के बाद संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने पर्याप्त मात्रा में एंटी-रेबीज वैक्सीन और अन्य जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की है ताकि किसी भी मरीज को परेशानी न हो।
ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष
इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसका परिणाम आज 13 लोगों को भुगतना पड़ा है।
ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि गांव में घूम रहे आवारा और पागल कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है, जिसमें बच्चों की जान को भी खतरा हो सकता है।
सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि आवारा कुत्तों के व्यवहार में बदलाव के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें बीमारी या भूख प्रमुख हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनजान कुत्ते के पास जाने से बचें और यदि कोई कुत्ता असामान्य व्यवहार करता दिखे, तो तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचित करें। फिलहाल, खेड़की वीरभान गांव के लोग इस घटना के बाद से काफी डरे हुए हैं और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
