कोटा-बूंदी डेयरी का बड़ा तोहफा: दूध खरीद दरों में इजाफा, बेटियों की शादी के लिए मिलेगी आर्थिक मदद
कोटा-बूंदी डेयरी ने पशुपालकों को बड़ी राहत देते हुए दूध खरीद दर में बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके साथ ही किसानों और महिला दुग्ध उत्पादकों के हित में कई अहम योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के कोटा और बूंदी जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। कोटा-बूंदी जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने अपने पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दूध खरीद दरों में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से जिले के हजारों किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
दूध खरीद दर में 30 रुपये प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी
संघ के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में दूध खरीद दरों को संशोधित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। वर्तमान में जो दूध खरीद दर 820 रुपये प्रति किलो फैट थी, उसे अब बढ़ाकर 850 रुपये प्रति किलो फैट कर दिया गया है। 30 रुपये प्रति किलो फैट की इस बढ़ोतरी से दुग्ध उत्पादक किसानों को काफी लाभ मिलेगा और उनके आर्थिक स्तर में सुधार की उम्मीद है।
इस निर्णय के पीछे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और पशुपालन के प्रति किसानों के उत्साह को बनाए रखना है। संघ का मानना है कि खरीद दरों में वृद्धि से न केवल मौजूदा पशुपालकों को लाभ होगा, बल्कि नए लोग भी दुग्ध व्यवसाय की ओर आकर्षित होंगे।
बेटियों की शादी के लिए 'सरस लाडो' योजना
बोर्ड बैठक में केवल दूध की दरों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि सामाजिक कल्याण की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। संघ ने 'सरस लाडो' योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत दुग्ध उत्पादक सदस्य परिवारों की बेटियों की शादी के अवसर पर 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी।
इसके अलावा, दुग्ध सहकारिता के दायरे को बढ़ाने के लिए 15 नई दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के गठन को भी स्वीकृति दी गई है। इनमें से 7 समितियां विशेष रूप से महिला दुग्ध उत्पादकों के लिए होंगी। प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा ने स्पष्ट किया कि इन महिला समितियों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, बल्कि डेयरी क्षेत्र में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
आर्थिक मजबूती और भविष्य की राह
कोटा-बूंदी डेयरी संघ की वित्तीय स्थिति पर बात करते हुए अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने बताया कि संघ लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में संघ ने 49.27 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। यह लाभ संघ की कार्यकुशलता और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है।
संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि डेयरी गतिविधियों के विस्तार और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक पूंजीगत निवेश किया जा रहा है। नई मशीनों और बेहतर तकनीक के उपयोग से दूध की गुणवत्ता और संग्रहण क्षमता में सुधार लाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में पशुपालकों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इन फैसलों के लागू होने के बाद कोटा और बूंदी के ग्रामीण अंचलों में खुशी का माहौल है। पशुपालकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में दूध की खरीद दरों में यह बढ़ोतरी उनके लिए एक बड़ी राहत है। संघ के इन निर्णयों से डेयरी क्षेत्र को नई गति मिलने की पूरी संभावना है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
