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किशनगंज: साइबर ठगी के पैसों का इस्तेमाल करने वाला आरोपी गिरफ्तार, बिहार-यूपी में फैला था नेटवर्क

Kishanganj cyber fraud money transfer accused arrested. किशनगंज पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश में हुए साइबर फ्रॉड की रकम को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर उपयोग करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना पुलिस ने वैज्ञानिक, तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 913
किशनगंज: साइबर ठगी के पैसों का इस्तेमाल करने वाला आरोपी गिरफ्तार, बिहार-यूपी में फैला था नेटवर्क
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साइबर ठगी के खिलाफ किशनगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बिहार के किशनगंज जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो बिहार और उत्तर प्रदेश में सक्रिय साइबर ठगों के गिरोह के लिए काम कर रहा था। आरोपी पर आरोप है कि उसने साइबर फ्रॉड के जरिए लूटी गई अवैध रकम को अपने बैंक खातों में मंगवाया और फिर उसका इस्तेमाल किया।

पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 18/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

धमेलगाछ निवासी चंदन कुमार मंडल गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान चंदन कुमार मंडल के रूप में हुई है, जो गलगलिया थाना क्षेत्र के धमेलगाछ, वार्ड संख्या-09 का निवासी है। पुलिस ने उसे वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबोचा है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए एक जरिया के रूप में किया जा रहा था।

पुलिस ने आरोपी के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। इनमें एक पोको कंपनी का मोबाइल फोन, आईडीबीआई बैंक का एटीएम कार्ड, एसबीआई बैंक का एटीएम कार्ड और आईडीबीआई बैंक की एक चेकबुक शामिल है। इन साक्ष्यों से पुलिस को उम्मीद है कि ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी

साइबर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी के बैंक खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि इसमें बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। आरोपी न केवल इन पैसों को अपने खाते में लेता था, बल्कि उनकी निकासी और उपयोग भी करता था। पुलिस अब इस पूरे वित्तीय लेनदेन की श्रृंखला को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि चंदन कुमार मंडल इस संगठित अपराध का एक सक्रिय हिस्सा था। पुलिस की टीम अब उन अन्य लाभार्थी खातों की पहचान करने में जुटी है, जहां से यह पैसा आगे भेजा गया था।

आगे की कार्रवाई और नेटवर्क का खुलासा

इस मामले में जांच अभी प्राथमिक चरण में है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आ सकते हैं। साइबर अपराधियों के इस नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जल्द ही इस गिरोह के अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

किशनगंज पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते या ओटीपी साझा न करें। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का सिलसिला जारी है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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