खैरथल-तिजारा में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, तापमान में 8 डिग्री की भारी गिरावट
Khairthal-Tijara district receives heavy rainfall, 30 MM rain recorded. खैरथल-तिजारा जिले में झमाझम बारिश, 30 MM वर्षा दर्ज।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में बुधवार का दिन मौसम के लिहाज से काफी राहत भरा रहा। पिछले दो दिनों से भीषण उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को सुबह हुई झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी। सुबह लगभग 9 बजे शुरू हुए बारिश के दौर ने पूरे जिले के वातावरण को ठंडा कर दिया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में औसतन 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। तड़के शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ ली, जिससे जिले के अधिकांश हिस्सों में जलजमाव और ठंडी हवाओं का दौर देखा गया। खैरथल, किशनगढ़बास, मुंडावर, तिजारा, कोटकासिम, ततारपुर, बीबीरानी, हरसोली, मातोर, इस्माईलपुर और सोडावास जैसे प्रमुख इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।
पारे में आठ डिग्री की गिरावट
लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बारिश से पहले जहां पारा 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं बारिश के बाद यह लुढ़ककर 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। तापमान में हुई इस 8 डिग्री की गिरावट ने लोगों को भीषण गर्मी से पूरी तरह निजात दिला दी है।
मौसम का यह सुहावना मिजाज न केवल आम जनजीवन के लिए सुखद है, बल्कि यह क्षेत्र में मानसून की सक्रियता को भी दर्शाता है। ठंडी हवाओं के चलने से शाम तक मौसम खुशनुमा बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
नगर निकायों की पोल खुली
एक तरफ बारिश ने गर्मी से राहत दी, तो दूसरी तरफ नगर निकायों के दावों की पोल भी खोल दी। खैरथल नगर परिषद और किशनगढ़बास नगर पालिका क्षेत्र की कई कॉलोनियों और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। नालियों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई कॉलोनियों के रास्ते पानी में डूब गए, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। नगर निकायों द्वारा मानसून पूर्व सफाई के दावों के बावजूद जलभराव की स्थिति ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसानों के लिए वरदान बनी बारिश
खैरथल-तिजारा के किसानों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों जैसे बाजरा, ज्वार और तिल के लिए यह वर्षा अत्यंत लाभकारी साबित होगी। खेतों में पर्याप्त नमी होने से बुवाई का कार्य आसान होगा और फसलों की शुरुआती बढ़वार को मजबूती मिलेगी।
इस बारिश से किसानों को सिंचाई के खर्च में भी काफी राहत मिलेगी। खेतों में नमी का स्तर बढ़ने से फसलों को जीवनदान मिला है, जिससे किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। आने वाले दिनों में यदि इसी तरह का मौसम बना रहता है, तो खरीफ की पैदावार में अच्छी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
