ई-20 पेट्रोल नीति के विरोध में केजरीवाल का प्रदर्शन, पीएम आवास तक मार्च को पुलिस ने रोका
Arvind Kejriwal Delhi protest against E-20 petrol policy at PM residence latest news updates. ई-20 पेट्रोल के विरोध में 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पैदल मार्च करते हुए उनके आवास जा रहे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। जिसके बाद अरविंद केजरीवाल लोगों से मिली 2.33 लाख से ज्यादा पीटिशन के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और पीएम से मिलाने की मांग करने लगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे केजरीवाल को पुलिस ने रोका
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ई-20 पेट्रोल नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। केजरीवाल करीब 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने और उन्हें ई-20 के विरोध में एकत्रित 2.33 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका सौंपने के लिए पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद अरविंद केजरीवाल वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उनसे मिलना नहीं चाहते हैं। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह भी मौजूद रहे। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने एक महीने पहले ही इस मुद्दे पर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
ई-20 नीति को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को देश पर थोपा गया फैसला करार दिया। उन्होंने दावा किया कि यह नीति अमेरिका के दबाव में लाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि इससे वाहनों की माइलेज कम होती है और इंजन के पुर्जे खराब होते हैं, फिर भी इसे अनिवार्य क्यों किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका से इथेनॉल खरीदने के लिए मोदी सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।
संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के करोड़ों वाहन मालिकों के हितों को विदेशी दबाव में गिरवी रख दिया है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता को हो रहे नुकसान के बावजूद सरकार इस नीति पर अड़ी हुई है, जो पूरी तरह से अनुचित है।
याचिका में जनता की मांगें
प्रधानमंत्री को संबोधित याचिका में नागरिकों ने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, फ्यूल स्टेशनों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चयन का विकल्प दिया जाए ताकि लोग अपनी पसंद का ईंधन चुन सकें। दूसरी, ई-20 की कीमत कम की जाए ताकि कम माइलेज और कम कैलोरी मान की भरपाई हो सके। केजरीवाल ने कहा कि अगर सरकार नहीं मानी, तो यह आंदोलन और तेज होगा।
केजरीवाल ने यह भी जानकारी दी कि पंजाब विधानसभा में ई-20 के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गोवा, गुजरात और जम्मू-कश्मीर की विधानसभाओं में भी इसी तरह के प्रस्ताव पेश करेगी, ताकि इस नीति के खिलाफ आवाज उठाई जा सके।
आंदोलन जारी रखने का संकल्प
प्रदर्शन के अंत में, पुलिस ने याचिका स्वीकार कर ली और केजरीवाल ने अपना धरना समाप्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध यहीं खत्म नहीं होगा। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि यदि वे ई-20 से छुटकारा चाहते हैं, तो उन्हें बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरना होगा। पार्टी जल्द ही भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगी।
केजरीवाल ने प्रदर्शन में शामिल हुए लोगों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना कठिन है, लेकिन वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की बेचैनी को नजरअंदाज करना सरकार के लिए महंगा साबित हो सकता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
