कानपुर: सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी पर शिकंजा, स्कूल में जन्मदिन मनाने के मामले में 20 पन्नों की चार्जशीट तैयार
Kanpur SP MLA Amitabh Bajpai birthday controversy school case video evidence chargesheet filed. बिना अनुमति के विद्यालय में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाए जाने के मामले में पुलिस ने विधायक अमिताभ बाजपेयी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। महज 12 दिनों में 20 पन्नों की चार्जशीट में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के तौर पर केक काटते वीडियो और वादी की गवाही को आधार बनाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेयी के खिलाफ पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बिना अनुमति के सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने के मामले में पुलिस ने महज 12 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर ली है। इस मामले में विधायक के खिलाफ 20 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई है, जिसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना एक जुलाई की है, जब परमट स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया था। इस दौरान स्कूल के मासूम बच्चों के साथ केक काटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और सरकारी परिसर के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन संबंधित प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया था।
घटना के बाद, तीन जुलाई को प्रधानाध्यापक नवीन कुमार ने ग्वालटोली थाने में विधायक के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अपनी तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने न केवल स्कूल परिसर में केक काटा, बल्कि बच्चों को स्कूल ड्रेस भी वितरित की, जिसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को बनाया आधार
पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वह वीडियो बना है, जिसमें विधायक को बच्चों के बीच केक काटते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने इस वीडियो को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में चार्जशीट का मुख्य हिस्सा बनाया है। इसके अलावा, वादी की गवाही और अन्य दस्तावेजी सबूतों को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है ताकि मामले को कानूनी रूप से मजबूत बनाया जा सके।
ग्वालटोली थाना प्रभारी रवि कुमार ने पुष्टि की है कि 20 पन्नों की चार्जशीट पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि इसे समीक्षा के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया है। अधिकारियों की संस्तुति मिलने के बाद इसे जल्द ही संबंधित अदालत में दाखिल कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई से स्थानीय राजनीति में एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो विधायक को कानूनी पेचीदगियों का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी संपत्ति का राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग करने के नियमों के उल्लंघन को लेकर यह मामला काफी चर्चा में रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत में सुनवाई के दौरान क्या रुख अपनाया जाता है।
इस मामले ने सरकारी स्कूलों में राजनीतिक गतिविधियों के प्रवेश पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार का अनधिकृत राजनीतिक आयोजन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। पुलिस अब इस मामले में अदालत के अगले निर्देशों का इंतजार कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
