कानपुर: इंस्टाग्राम से दोस्ती के बाद नाबालिग का अपहरण, आधार कार्ड में नाम बदलकर छिपाने की कोशिश
Kanpur Chakeri: Teen kidnapped after Instagram friendship. नाबालिग का अपहरण, आधार कार्ड में बदला नाम।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती बनी मुसीबत
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद एक 17 वर्षीय छात्रा का अपहरण कर लिया गया। आरोपी ने न केवल किशोरी को अगवा किया, बल्कि उसकी पहचान मिटाने के लिए उसके आधार कार्ड में नाम और उम्र तक बदलवा दी। पुलिस ने 24 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना की शुरुआत 13 जून को हुई, जब किशोरी अपने घर की छत के रास्ते से बाहर निकली। परिजनों के अनुसार, अलीगढ़ के सातनी निवासी योगेश कुमार पहले से ही रामादेवी चौराहे पर कार लेकर उसका इंतजार कर रहा था। किशोरी के घर से लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर 15 जून को चकेरी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए चकेरी पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। पुलिस की टीम लगातार आरोपी और किशोरी की लोकेशन ट्रेस करती रही। 24 दिनों की लंबी तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी योगेश कुमार को दबोच लिया और किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान दर्ज किए गए।
परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि आरोपी योगेश और उसके सहयोगियों ने किशोरी की पहचान छिपाने के लिए उसके आधार कार्ड में छेड़छाड़ की। आधार कार्ड में नाम और उम्र बदलकर उसे गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई थी। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आधार कार्ड में यह बदलाव कैसे और किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया।
आरोपी को भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी योगेश कुमार को मंगलवार दोपहर को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। पुलिस किशोरी के बयानों और बरामद किए गए डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।
अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान आधार कार्ड में जालसाजी या दस्तावेजों के साथ हेरफेर की पुष्टि होती है, तो आरोपी पर संबंधित धाराओं के तहत अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि इस पूरी साजिश में आरोपी के साथ और कौन-कौन शामिल था।
सोशल मीडिया के प्रति सावधानी की जरूरत
यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली दोस्ती और उसके बाद होने वाले अपराधों की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने के खतरों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। पुलिस ने भी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ संपर्क में आने से रोकें।
फिलहाल, किशोरी को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट और आधार कार्ड जालसाजी से जुड़े सबूतों के आधार पर इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही तय की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
