कानपुर: आर्यनगर की बदहाल सड़कों पर विधान परिषद में घमासान, भाजपा और सपा आमने-सामने
Kanpur Aryanager road repair issue raised in Vidhan Parishad assembly. कानपुर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कें और अधूरी मरम्मत का मामला सोमवार को विधान परिषद में उठा। कानपुर से बीजेपी एमएलसी ने सदन में क्षेत्र की खराब सड़कों और गलियों का मुद्दा उठाते हुए नगर निगम और केस्को के कार्यों पर सवाल खड़े किए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

विधान परिषद में गूंजी आर्यनगर की बदहाली
कानपुर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों और अधूरी मरम्मत का मुद्दा सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में जोर-शोर से उठाया गया। भाजपा के एक एमएलसी ने सदन के पटल पर क्षेत्र की खराब गलियों और सड़कों का मामला रखते हुए नगर निगम और केस्को (केस्को) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर की गई खुदाई के बाद सड़कों को महीनों तक दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एमएलसी ने सदन को अवगत कराया कि कोपरगंज, जनरलगंज और कुलीबाजार जैसे इलाकों में स्थिति बेहद दयनीय है। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में सीवर लाइन और अन्य बुनियादी कार्यों के लिए खुदाई तो की गई, लेकिन उसके बाद मरम्मत कार्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने स्थानीय विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास में भेदभाव किया जा रहा है और बहुसंख्यक आबादी वाले इलाकों की अनदेखी की जा रही है।
विधायक पर भेदभाव और लापरवाही के आरोप
भाजपा एमएलसी ने आरोप लगाया कि आर्यनगर के मौजूदा विधायक का ध्यान केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि पूरे विधानसभा क्षेत्र का होता है, न कि केवल उन लोगों का जिन्होंने उन्हें वोट दिया है। उनके अनुसार, यदि विधायक ने समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान दिया होता, तो जनता को सड़कों की बदहाली नहीं झेलनी पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक बहुल इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों को विकास से वंचित रखा गया है।
सदन में इस मुद्दे के उठने के बाद ऊर्जा मंत्री और नगर विकास मंत्री ने मामले का संज्ञान लिया है। सरकार की ओर से इन समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
सपा विधायक का पलटवार: चुनाव आते ही याद आई विधानसभा
भाजपा एमएलसी के आरोपों का जवाब देते हुए आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा नेताओं को क्षेत्र की याद आने लगी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, तो फिर अब तक विकास कार्यों की सुध क्यों नहीं ली गई?
अमिताभ बाजपेई ने भेदभाव के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों की सूची किसी भी स्तर पर जांची जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण और अस्पतालों में सुधार जैसे कार्य बिना किसी वर्ग भेद के सभी के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाना केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश है।
राजनीतिक बयानबाजी और जनता की परेशानी
सपा विधायक ने यह भी कहा कि एक विधायक का दायित्व पूरे क्षेत्र के प्रति होता है, लेकिन भाजपा एमएलसी की मंशा केवल विवाद पैदा करने की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या जिसे किसी ने वोट न दिया हो, वह भी विधायक का ही दायित्व है, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन विकास के नाम पर राजनीति करना उचित नहीं है।
आर्यनगर की सड़कों का यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनता अभी भी टूटी सड़कों और धूल-मिट्टी से जूझ रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार के आश्वासन के बाद धरातल पर काम कब तक शुरू होता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
