कैथल: पंचायत की जमीन को निजी बताकर 11 लाख की ठगी, एक ही परिवार के तीन लोगों पर केस
Kaithal Rasulpur village panchayat land fraud case, BNS section 318(4) charges filed. कैथल के गांव रसूलपुर में ग्राम पंचायत की भूमि को निजी मलकीयत बताकर 11 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला राजस्व विभाग द्वारा पिछले माह की गई पंचायत भूमि की निशानदेही में उजागर हुआ, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के कैथल जिले के गांव रसूलपुर में सरकारी संपत्ति को निजी बताकर बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत की भूमि को अपनी मिल्कियत बताकर एक व्यक्ति से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, गांव रसूलपुर निवासी मामू राम ने बताया कि 14 नवंबर 2024 को छिंदा सिंह, उसकी बहन रतन कौर और उनके बेटे प्रगट सिंह ने उन्हें एक प्लॉट बेचने का झांसा दिया था। आरोपियों ने दावा किया था कि गांव में स्थित करीब 20 मरले का मकान और जमीन उनकी निजी संपत्ति है। उन्होंने इस जमीन को विवाद रहित बताते हुए मामू राम के साथ इकरारनामा किया और रजिस्ट्री कराने का वादा करके उनसे 11 लाख रुपये की राशि ले ली।
आरोपियों ने इकरारनामे में यह स्पष्ट रूप से लिखा था कि उक्त भूमि पर किसी अन्य का कोई अधिकार नहीं है और वे इसे बेचने के लिए पूरी तरह अधिकृत हैं। पीड़ित ने आरोपियों के दावों पर भरोसा करते हुए उन्हें बड़ी रकम का भुगतान कर दिया, लेकिन बाद में सच्चाई कुछ और ही निकली।
निशानदेही में खुला फर्जीवाड़ा
मामले का खुलासा तब हुआ जब 19 जून 2026 को राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त भूमि की निशानदेही की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि जिस जमीन को निजी संपत्ति बताकर बेचा गया था, वह वास्तव में ग्राम पंचायत रसूलपुर की भूमि है। राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन जोहड़ रकबा और हड्डा रोड़ी के रूप में दर्ज है, जिस पर किसी भी निजी व्यक्ति का मालिकाना हक नहीं हो सकता।
इस सरकारी खुलासे के बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। आरोपियों ने पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति को अपनी निजी मिल्कियत दिखाकर न केवल कानून का उल्लंघन किया, बल्कि पीड़ित से आर्थिक लाभ भी उठाया।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी, जिसके बाद इसकी जांच इकोनामिक सेल को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के तथ्य सही पाए गए, जिसके आधार पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से अभियोग दर्ज करने की अनुमति ली गई। सीवन थाना प्रभारी जयभगवान ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने गांव में हड़कंप मचा दिया है और पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जे व बिक्री के इस मामले की चर्चा हर तरफ हो रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
