जोधपुर: केस से नाम हटाने के लिए 40 हजार की रिश्वत लेते ASI रंगे हाथों गिरफ्तार
आरोपी ने यह रिश्वत एक मामले में आरोपियों के नाम हटाने और केस में मदद करने की एवज में मांगी थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शास्त्री नगर थाने के एएसआई पर एसीबी का शिकंजा
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले शास्त्री नगर थाने में तैनात एक एएसआई को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी पर एक मामले में जांच के दौरान आरोपियों का नाम हटाने और केस में मदद करने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी एएसआई हरदेवराम ने परिवादी महिला से उसके पति के खिलाफ दर्ज मामले में मदद करने का आश्वासन दिया था। इसी मामले में एक अन्य व्यक्ति सुंडाराम का नाम जांच से हटाने के लिए एएसआई ने पहले ही 5,000 रुपये की राशि ले ली थी। इसके बाद भी आरोपी की मांग कम नहीं हुई और उसने मामले को रफा-दफा करने के नाम पर और पैसों की मांग जारी रखी।
घर पर रिश्वत लेते हुए दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवादी महिला ने एसीबी की जोधपुर स्पेशल यूनिट में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि एएसआई ने सीआई के नाम का हवाला देते हुए 50,000 रुपये की और मांग की है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और जाल बिछाया। सोमवार को जैसे ही एएसआई हरदेवराम रिश्वत की राशि लेने के लिए महिला के घर पहुंचा, एसीबी की टीम ने उसे 40,000 रुपये की नकदी के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
एसीबी जोधपुर रेंज के डीआईजी नारायण टोगस के मार्गदर्शन और एएसपी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। निरीक्षक उमेश कुमार विश्नोई और उनकी टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अब आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सख्त निगरानी
एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच उच्च अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। आरोपी एएसआई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन शामिल है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कामकाज के बदले रिश्वत मांगने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी भी कार्य के लिए अवैध रूप से पैसों की मांग करता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना दें। नागरिक एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9413502834 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।
इस गिरफ्तारी के बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन में सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसीबी की यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है जो अपने पद का दुरुपयोग कर जनता से अवैध वसूली करते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!