झांसी डकैती कांड: तीसरा आरोपी सिपाही नीरज राजपूत गिरफ्तार, अब तक 24.50 लाख बरामद
Jhansi dry fruit trader dacoity case update involving three policemen. झांसी में ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपए की डकैती के मामले में फरार तीसरे आरक्षी नीरज राजपूत को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर 12 हजार रुपए बरामद किए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

झांसी में ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी के साथ हुई 24.90 लाख रुपये की डकैती के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीसरा आरोपी सिपाही नीरज राजपूत भी अब पुलिस की गिरफ्त में है। मंगलवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
साजिश और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने जानकारी दी कि गणेश विहार कॉलोनी के रहने वाले मुंशी किशन पांचाल से हुई लूट के मामले में तीन पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। इससे पहले आरक्षी राघवेंद्र राजपूत और मनोज कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब तीसरे आरोपी आरक्षी नीरज राजपूत की गिरफ्तारी के बाद मामले की कड़ियां तेजी से जुड़ रही हैं। पुलिस ने नीरज की निशानदेही पर 12 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है।
पूछताछ के दौरान आरोपी नीरज ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह उस समय छुट्टी पर अपने गांव दतिया में था। तभी आरक्षी राघवेंद्र राजपूत का फोन आया और उसने उसे झांसी बुलाया। राघवेंद्र ने उसे भरोसा दिलाया था कि काम महज आधे घंटे का है और इसमें कोई जोखिम नहीं है। राघवेंद्र के बहकावे में आकर नीरज वर्दी पहनकर झांसी पहुंच गया था।
नीरज ने यह भी स्वीकार किया कि झांसी पहुंचने के बाद उसे सीधे घटनास्थल पर ले जाया गया, जहां वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद वह वापस अपने गांव लौट गया था। पुलिस से बचने के लिए उसने राघवेंद्र के निर्देश पर अपना मोबाइल फोन भी बंद कर दिया था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
सात आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस डकैती कांड में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुख्य साजिशकर्ता सूर्यांश यादव के अलावा गौरव यादव, सुखबीर सिंह, सूरज सिंह और तीन पुलिसकर्मी राघवेंद्र, मनोज व नीरज शामिल हैं। पुलिस ने अब तक लूटी गई कुल राशि में से 24.50 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जो इस मामले में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हालांकि, जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस अभी भी मुख्य साजिशकर्ता सूर्यांश यादव के मौसेरे भाई अंकित यादव की तलाश कर रही है, जो फिलहाल फरार है। इसके अलावा, सट्टा कारोबार से जुड़े सतना निवासी नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की दिशा
इस मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि इसमें वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की सीधी संलिप्तता सामने आई है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद ले रही है। जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें। इस मामले में बरामदगी की प्रक्रिया जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे मामले की चार्जशीट अदालत में दाखिल करने की तैयारी कर रही है, ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
