जौनपुर: सावन के पहले दिन शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़, सारनाथ महादेव मंदिर में व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
सुबह तड़के से ही शिवालयों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। सारनाथ महादेव मंदिर में सबसे अधिक भीड़ रही।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जौनपुर जिले में श्रावण मास के पावन अवसर पर गुरुवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब देखने को मिला। बक्शा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक सारनाथ महादेव मंदिर, त्रिलोचन महादेव धाम और सुजानगंज के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने और आशीर्वाद लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए।
सारनाथ महादेव मंदिर में स्थिति यह थी कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार मंदिर परिसर से बाहर तक करीब 200 मीटर लंबी हो गई थी। श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र और पूजा सामग्री लेकर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष के साथ अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मंदिर में उमड़ी इस भीड़ ने प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा भी ली।
सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे श्रद्धालु
मंदिर की संरक्षिका माला शुक्ला ने बताया कि सावन शुरू होते ही भक्तों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। हालांकि, उन्होंने मंदिर परिसर में व्याप्त मूलभूत सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मंदिर तक जाने वाली सड़क कच्ची है, जिससे बारिश के मौसम में कीचड़ और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा, परिसर में पर्याप्त शौचालयों का अभाव महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।
परिसर में लगी हाईमास्ट लाइट भी लंबे समय से खराब पड़ी है, जिससे रात के समय आने वाले श्रद्धालुओं को अंधेरे में आवाजाही करनी पड़ती है। बरसात के दौरान फिसलन और अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन ने इन समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भविष्य की चुनौतियां
श्रावण मास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बक्शा थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ सारनाथ महादेव मंदिर का निरीक्षण किया और भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि पूरे सावन के दौरान मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आगामी शनिवार और सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। मंदिर प्रबंधन का मानना है कि यदि प्रशासन की ओर से अस्थायी शौचालय, बेहतर जल निकासी और सड़क मरम्मत जैसे कार्य समय रहते पूरे कर लिए जाएं, तो भक्तों को काफी राहत मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं
स्थानीय निवासियों का मानना है कि जौनपुर के ये प्राचीन शिवालय न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि इन्हें धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं भी हैं। यदि इन मंदिरों में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाए, तो यह क्षेत्र न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल, सावन के पूरे महीने में इन मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहने की उम्मीद है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से सुविधाओं के विस्तार को लेकर की जाने वाली कार्रवाई पर ही अब सभी की निगाहें टिकी हैं, ताकि आस्था के इस महापर्व में भक्तों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
