जैसलमेर: एलडीसी भर्ती परीक्षा में नकल का भंडाफोड़, सीसीटीवी फुटेज से खुला 7 मिनट का खेल
Rajasthan LDC Recruitment Exam Cheating Scandal Uncovered via CCTV Footage. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) की लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीसीटीवी फुटेज से उजागर हुई परीक्षा में धांधली
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय (LDC) भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के एक केंद्र पर नकल का बड़ा मामला सामने आया है। स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित इस परीक्षा के दौरान हुई संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। जांच में पाया गया कि परीक्षा के दौरान एक रिलीवर ने महिला अभ्यर्थी का प्रश्नपत्र लेकर उसे करीब 7 मिनट तक अपने पास रखा, जिससे परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने केंद्र अधीक्षक, दो वीक्षकों, एक रिलीवर और एक महिला अभ्यर्थी सहित कुल पांच लोगों को नामजद किया है। हिरासत में लिए गए आरोपियों में स्कूल के हेडमास्टर उम्मेदसिंह, शिक्षक जालम सिंह, वीक्षक भीमसिंह, रिलीवर पदमसिंह और अभ्यर्थी मनु कंवर शामिल हैं।
5 जुलाई को क्या हुआ था परीक्षा केंद्र पर?
घटनाक्रम 5 जुलाई का है, जब रूम नंबर-10 में 24 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान शाम 4 बजे के करीब कुछ अभ्यर्थियों ने संदिग्ध गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन उस समय केंद्र अधीक्षक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में शाम 5 बजे जब फ्लाइंग स्क्वॉड केंद्र पर पहुंचा, तो अभ्यर्थियों ने खुलकर शिकायत की, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।
जांच समिति ने जब रूम नंबर-10 के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की, तो नकल का पूरा घटनाक्रम सामने आया। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रिलीवर पदम सिंह महिला अभ्यर्थी मनु कंवर के पास जाकर उसका प्रश्नपत्र ले रहा है। यह प्रश्नपत्र करीब 6 से 7 मिनट तक रिलीवर के पास रहा और बाद में उसे वापस अभ्यर्थी को सौंप दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस दौरान परीक्षा की गोपनीयता भंग की गई और अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कानूनी कार्रवाई और एसआईटी जांच की मांग
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 की धारा 3/10 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और नकल के पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) के गठन की मांग की है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी है। बोर्ड के निर्देशों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
