जयपुर: पुरानी हवेली ढहाते समय मिला खजाना, ठेकेदार और मजदूरों पर लगा करोड़ों की चांदी-सोने के सिक्के हड़पने का आरोप

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान की राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में एक पुश्तैनी हवेली को ढहाने के दौरान मिले बेशकीमती खजाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। त्रिपोलिया बाजार के विद्याधर का रास्ता स्थित इस हवेली के मालिक ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार और उसके सहयोगियों ने नींव और दीवारों से निकले सोने-चांदी के खजाने को आपस में बांट लिया और इसकी जानकारी मालिक को नहीं दी। इस मामले में माणकचौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
हवेली के मालिक राहुल सेठी, जो बापू नगर के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी पुरानी हवेली को तोड़कर नया निर्माण कराने के लिए 'डिवाइन-1 एलएलपी' के जरिए ठेका दिया था। तोड़फोड़ का काम महेश मल्होत्रा उर्फ छोटू को सौंपा गया था। मालिक का दावा है कि उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि खुदाई या तोड़ाई के दौरान कोई भी कीमती वस्तु या प्राचीन सामग्री मिलती है, तो उसे तुरंत परिवार को सौंपा जाए। हालांकि, आरोप है कि करीब छह महीने पहले जब हवेली ढहाने का काम चल रहा था, तब मजदूरों को भारी मात्रा में खजाना मिला जिसे उन्होंने मालिक से छिपा लिया।
शिकायत के अनुसार, इस खजाने में करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के शामिल थे। मालिक को इस बात की भनक तब लगी जब हवेली में काम करने वाले एक मजदूर ने ही पूरी सच्चाई उजागर कर दी। इसके बाद मालिक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस का रुख किया।
वीडियो साक्ष्य से खुला राज
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में दो वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें मालिक ने पेन ड्राइव में भरकर पुलिस को सौंपा है। इन वीडियो में कथित तौर पर ठेकेदार महेश मल्होत्रा और उसके सहयोगी अनुज, जगदीश, रजनी, रेहान, सुल्तान और पप्पू अजमेरा को मिली हुई संपत्ति के बारे में चर्चा करते हुए देखा जा सकता है। मालिक का आरोप है कि इन लोगों ने मिली हुई संपत्ति को आपस में बांटकर खुर्दबुर्द कर दिया है।
पुलिस को दी गई रिपोर्ट में मालिक ने स्पष्ट किया है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने मिली हुई कीमती वस्तुओं को छिपाकर धोखाधड़ी की है। वीडियो में आरोपियों की बातचीत से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें हवेली की नींव और दीवारों से काफी मूल्यवान सामग्री प्राप्त हुई थी, जिसे उन्होंने मालिक को बताए बिना ही ठिकाने लगा दिया।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
माणकचौक पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और अब जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उन वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है जो मालिक द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, ठेकेदार और अन्य आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खजाना वर्तमान में कहां है और क्या उसे बरामद किया जा सकता है।
इस घटना ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है। पुरानी हवेलियों के नीचे दबे खजाने की किंवदंतियां अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन इस बार साक्ष्यों के साथ सामने आए इस मामले ने प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। फिलहाल पुलिस इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि क्या वाकई इतनी बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बरामद हुआ था और उसे किन लोगों तक पहुंचाया गया।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
