जयपुर में विदेश भेजने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: मॉल में चल रहे थे 3 अवैध कॉल सेंटर, 22 लोग हिरासत में
Jaipur fake call center cyber fraud busted by CST unit. राजधानी जयपुर में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीएसटी (CST) की एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्र में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान कुल 22 युवक-युवतियां काम करते हुए मिले, जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजधानी जयपुर में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस की सीएसटी (CST) एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को एक साथ तीन स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्रों में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया है।
मॉल के भीतर चल रहा था ठगी का कारोबार
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पता चला था कि शहर के नामी मॉल में ऑफिस किराए पर लेकर ठगी का जाल बिछाया गया है। महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित महिमा ट्रिनिटी मॉल की पांचवीं मंजिल पर स्थित एक ऑफिस में छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर संचालक सारांश गोयल और उसके साथी समीर बंसल को रंगे हाथों पकड़ा गया। इस दौरान वहां 10 युवतियों सहित कुल 12 लोग काम करते हुए पाए गए।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने महेश नगर के ही ओके प्लस मॉल और जालूपुरा थाना क्षेत्र के गणपति प्लाजा में भी दबिश दी। इन दोनों स्थानों पर भी फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहे थे, जहां से कुल 10 युवतियों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, इन दो केंद्रों के मुख्य संचालक मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है।
फर्जी वीजा और अपॉइंटमेंट लेटर का खेल
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि यह गिरोह पिछले काफी समय से सक्रिय था। आरोपी अखबारों और सोशल मीडिया पर विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने के विज्ञापन देते थे। जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आता, तो ये उसे फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और वीजा दस्तावेज थमा देते थे। विश्वास जीतने के बाद, ये पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में मोटी रकम जमा करवाते थे।
पुलिस पिछले 10 दिनों से इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप और करीब 40 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग पीड़ितों से संपर्क करने और उन्हें लुभाने के लिए किया जाता था। बरामद उपकरणों से पुलिस को ठगी के बड़े नेटवर्क के सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच
पकड़े गए कुल 22 युवक-युवतियों को पुलिस ने संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें ठगी की रकम जमा की जाती थी। इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि ठगी गई राशि को रिकवर किया जा सके। आरोपियों से पूछताछ में इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि विदेश में नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को पैसे देने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें। आधिकारिक वीजा और वर्क परमिट की पुष्टि हमेशा संबंधित दूतावास या अधिकृत वेबसाइट से ही करनी चाहिए। फिलहाल, पुलिस फरार संचालकों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
