जयपुर: एटीएम कार्ड बदलकर 500 वारदातों को अंजाम देने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार
Jaipur police bust inter-state ATM card swapping gang, suspects confessed to 500 fraud cases. जयपुर में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले अंतरराज्यीय महाठग गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने पकड़ा। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने कुख्यात आरोपी सचिन कुमार उर्फ आच्चू और सुरेंद्र सांसी को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश
जयपुर की झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम बूथों पर लोगों को बातों में उलझाकर उनके कार्ड बदल लेते थे और फिर खातों से रकम पार कर देते थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सचिन कुमार उर्फ आच्चू और उसके साथी सुरेंद्र सांसी को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी पिछले कई वर्षों से सक्रिय थे और पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि वे साल 2019 से अब तक राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में करीब 500 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन से अधिक एटीएम कार्ड, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और नकदी बरामद की है।
कैसे काम करता था 'SS सांसी' गिरोह
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सचिन कुमार ने इस गैंग का नाम 'SS सांसी हांसी हिसार' रखा था। ये लोग पहले किसी शहर को चुनते थे और वहां जाकर कम से कम चार से पांच वारदातों को अंजाम देने का लक्ष्य रखते थे। एटीएम बूथों के आसपास ये लोग रेकी करते थे और ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जो एटीएम इस्तेमाल करने में कम अनुभवी होते थे या जिन्हें मदद की जरूरत होती थी।
वारदात का तरीका बेहद शातिर था। जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने आता, तो ये आरोपी मदद के बहाने बूथ में घुस जाते थे। बातचीत में उलझाकर वे बड़ी सफाई से पीड़ित का एटीएम कार्ड बदल देते थे। बाद में उस कार्ड के जरिए वे खाते से पैसे निकाल लेते थे। 8 जून को झोटवाड़ा क्षेत्र में हुई एक ऐसी ही घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी।
900 सीसीटीवी कैमरों की मदद से मिली कामयाबी
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कड़ी मशक्कत की। झोटवाड़ा पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और अंततः 15 जुलाई को दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी बेहद सतर्क रहते थे। वारदात के बाद वे मुख्य सड़कों का इस्तेमाल करने के बजाय गलियों के रास्ते निकलते थे। अपनी मोटरसाइकिल को किसी बस स्टैंड या पार्किंग में खड़ा कर वे सरकारी बसों के जरिए अपने गांव लौट जाते थे, ताकि पुलिस उनकी पहचान न कर सके।
आगे की कार्रवाई
आरोपियों ने जयपुर शहर के अलावा राजस्थान के सीकर, झुंझुनूं, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भी कई वारदातों को अंजाम देना कबूला है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। कई राज्यों की पुलिस अब इस गिरोह के खिलाफ दर्ज मामलों के संबंध में जयपुर पुलिस से संपर्क कर रही है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और अपना पिन नंबर किसी के साथ साझा न करें। यदि एटीएम में कोई समस्या आती है, तो केवल बैंक के अधिकृत कर्मचारियों या हेल्पलाइन नंबरों पर ही संपर्क करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
