जबलपुर: 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' के जरिए छात्रों को साइबर ठगी से बचाने की मुहिम
Madhya Pradesh police launch Operation Safe Click 2.0 for cyber awareness. मध्यप्रदेश में पुलिस के द्वारा इन दिनों ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0 (Safe Click 2.0) चलाया जा रहा है, जो कि विशेष साइबर जागरूकता अभियान है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा राज्य भर में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों को डिजिटल युग में होने वाली धोखाधड़ी के प्रति सतर्क करना है। इसी कड़ी में जबलपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित क्राइस्ट चर्च स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
छात्रों को दी गई ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी
शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 500 छात्र-छात्राओं और स्कूल स्टाफ ने हिस्सा लिया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग लिंक, और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर खतरों के बारे में विस्तार से समझाया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि एक छोटी सी गलती बड़ी वित्तीय हानि का कारण बन सकती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। इसके अलावा, अपना ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते का विवरण या अन्य कोई भी गोपनीय जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करने की हिदायत दी गई। सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी सतर्क रहने के लिए छात्रों को प्रेरित किया गया।
ठगी होने पर क्या करें?
सिविल लाइन थाना प्रभारी स्वप्निल दास ने बताया कि साइबर अपराध से बचने के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत क्या कदम उठाए जाएं। उन्होंने छात्रों को जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की वित्तीय या अन्य साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत सक्रिय होना चाहिए। ऐसी स्थिति में पीड़ित को बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने जोर देकर कहा कि साइबर अपराध की रिपोर्टिंग जितनी जल्दी होगी, जांच उतनी ही प्रभावी होगी।
पुलिस प्रशासन की व्यापक पहल
यह जागरूकता अभियान पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित किया जा रहा है। एएसपी आयुष जाखड़ और सीएसपी सोनू कुर्मी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न थानों में इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इस विशेष सत्र में क्राइस्ट चर्च स्कूल के प्रिंसिपल क्षितिज जैकब भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की।
आने वाले समय में पुलिस प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक शिक्षण संस्थानों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूली स्तर पर ही बच्चों को इन खतरों के प्रति शिक्षित करने से भविष्य में साइबर अपराधों की दर में कमी लाई जा सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
