इंदौर: एक घंटे में दो कोबरा सांपों का रेस्क्यू, एक का फन कटा तो दूसरा जूतों की रैक में मिला
इंदौर के बिचौली और बिजलपुर इलाकों में कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। सर्पमित्र ने करीब एक घंटे के भीतर दोनों सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

इंदौर में कोबरा का आतंक: एक घंटे के भीतर दो रेस्क्यू
इंदौर शहर में बुधवार को सांपों के निकलने की दो अलग-अलग घटनाओं ने स्थानीय निवासियों को चिंता में डाल दिया। करीब एक घंटे के अंतराल में शहर के दो अलग-अलग इलाकों से जहरीले कोबरा सांपों को पकड़ा गया। सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर दोनों सांपों को सुरक्षित बाहर निकाला और बाद में उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया।
पहली घटना बिचौली इलाके की है, जहां एक घर में ढाई फीट लंबा कोबरा पाया गया। इस सांप की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उसका फन आधा कटा हुआ था। सर्पमित्र के अनुसार, यह चोट किसी अन्य जानवर के हमले के कारण हो सकती है। हालांकि, फन कटने के बावजूद सांप की स्थिति सामान्य थी और वह खतरे से बाहर था।
बिजलपुर में जूतों की रैक में छिपा था साढ़े चार फीट का कोबरा
बिचौली के बाद सर्पमित्र को बिजलपुर इलाके से एक और कोबरा होने की सूचना मिली। जब वे वहां पहुंचे तो देखा कि साढ़े चार फीट का एक विशाल कोबरा घर के जूतों की रैक के नीचे छिपा बैठा था। इतने बड़े आकार के सांप को पकड़ना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसमें करीब 20 से 25 मिनट का समय लगा।
रेस्क्यू के दौरान एक रोमांचक स्थिति तब बनी जब सांप को थैली में डालने की कोशिश की गई। कोबरा लगभग अंदर चला गया था, लेकिन अचानक पलटकर बाहर निकल आया और फन फैलाकर खड़ा हो गया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग डर गए, लेकिन सर्पमित्र ने पूरी सावधानी बरतते हुए उसे दोबारा काबू में किया और सुरक्षित थैली में बंद कर लिया।
बारिश के मौसम में क्यों घरों में घुस रहे हैं सांप?
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान सांपों का घरों के आसपास आना आम बात है। भारी बारिश के कारण जमीन के अंदर बने उनके बिलों और चूहों के घरों में पानी भर जाता है, जिससे वे सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। घरों के कोने, जूतों की रैक और अंधेरी जगहें उन्हें छिपने के लिए सबसे उपयुक्त लगती हैं।
सर्पमित्र महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि बड़े सांपों का रेस्क्यू करते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। यदि सांप गुस्से में हो, तो वह घर के अन्य हिस्सों में जाकर छिप सकता है या किसी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, ऐसे मामलों में बिना किसी देरी के प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और घर के मुख्य द्वारों को ठीक से बंद रखें। जूतों, कपड़ों या घर के किसी भी कोने का इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लेना चाहिए। यदि घर में सांप दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!