हाथरस में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन: 840 हुए केंद्र, 11 जुलाई तक दर्ज कराएं आपत्तियां
Hathras election updates: Polling booth list published after verification. Objections and suggestions invited till July 11. भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के तहत हाथरस जिले में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन पूरा हो गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हाथरस में मतदान केंद्रों की सूची का आलेख्य प्रकाशन
भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में हाथरस जिले में मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कर ली गई है। इस सत्यापन के उपरांत जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों—हाथरस (अनुसूचित जाति), सादाबाद और सिकंदराराऊ—के लिए मतदेय स्थलों की नई सूची का आलेख्य प्रकाशन कर दिया गया है। यह कदम आगामी चुनावी तैयारियों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में मतदान केंद्रों की कुल संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। अब हाथरस जिले में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 836 से बढ़कर 840 हो गई है। हालांकि, मतदेय स्थलों की कुल संख्या में संशोधन किया गया है, जो अब 1390 से घटकर 1367 रह गई है। यह बदलाव प्रशासनिक और भौगोलिक आवश्यकताओं के आधार पर किए गए हैं ताकि मतदाताओं को मतदान में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
विधानसभावार केंद्रों का विवरण
विधानसभा क्षेत्र 78-हाथरस (अजा) में मतदान केंद्रों की संख्या 237 से बढ़कर 240 हो गई है, जबकि मतदेय स्थलों की संख्या 475 से संशोधित होकर 467 पर आ गई है। इसी प्रकार, 79-सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या 300 से बढ़कर 301 हो गई है और मतदेय स्थलों की संख्या 463 से घटकर 452 दर्ज की गई है।
वहीं, 80-सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र की स्थिति में थोड़ा अंतर देखा गया है। यहाँ मतदान केंद्रों की संख्या 299 पर स्थिर बनी हुई है, जबकि मतदेय स्थलों की संख्या 452 से संशोधित होकर 448 हो गई है। इन आंकड़ों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है।
आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपद के सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे प्रकाशित सूची का बारीकी से अवलोकन करें। यदि किसी को सूची में दी गई जानकारी या केंद्रों के निर्धारण को लेकर कोई आपत्ति है या कोई सुझाव देना चाहता है, तो वह इसे आधिकारिक रूप से दर्ज करा सकता है।
आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 11 जुलाई निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति या संस्थाएं संबंधित उप जिलाधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, हाथरस में जाकर अपने लिखित सुझाव या आपत्तियां जमा कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
यह सूची आम जनता के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय, संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और तहसील कार्यालयों में उपलब्ध करा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ही इस सूची का आलेख्य प्रकाशन किया गया है ताकि अंतिम सूची में कोई त्रुटि न रहे।
आगामी चुनावों को देखते हुए प्रशासन का पूरा जोर मतदान केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर है। भौतिक सत्यापन के बाद किए गए इन संशोधनों से न केवल मतदान केंद्रों का प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि मतदाताओं को भी अपने नजदीकी बूथ तक पहुंचने में आसानी होगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
