ग्वालियर: केवाईसी के नाम पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई, खाते से उड़े 73 हजार
ठगों ने मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कराने के बाद युवक के बैंक खाते से 73 हजार 499 रुपए पार कर दिए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर तकनीक का सहारा लेकर आम नागरिक को अपना शिकार बनाया है। मुरार थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को केवाईसी अपडेट करने का झांसा देकर उसके बैंक खाते से 73 हजार 499 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। ठगों ने पीड़ित को एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद उन्होंने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया।
केवाईसी के नाम पर जालसाजी का खेल
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि त्यागी नगर मुरार निवासी शैलेन्द्र गुर्जर (30) को 10 जुलाई की शाम एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि शैलेन्द्र का केवाईसी अपडेट होना बाकी है। ठग ने चेतावनी दी कि यदि केवाईसी तुरंत पूरा नहीं किया गया, तो उनके बैंक खाते की सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। इस डर के कारण पीड़ित ने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया।
बातचीत के दौरान ठग ने शैलेन्द्र के मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेजी। जैसे ही पीड़ित ने उस फाइल को अपने फोन में इंस्टॉल किया, साइबर अपराधियों ने उनके डिवाइस का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद, पीड़ित के बैंक खाते से एक के बाद एक कई ट्रांजैक्शन किए गए और कुल 73,499 रुपये की राशि खाते से गायब हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
अपने मोबाइल पर बैंक खाते से पैसे कटने के मैसेज देखकर शैलेन्द्र को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपना खाता फ्रीज कराया और मामले की सूचना मुरार पुलिस को दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में पुलिस की साइबर सेल टीम उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है जिनका उपयोग इस अपराध में किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी अक्सर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए सिम कार्ड का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा के लिए बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों ने आम जनता को आगाह किया है कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्थान केवाईसी अपडेट करने के लिए कभी भी किसी एपीके फाइल या अनजान लिंक को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता है। यदि किसी को ऐसा कोई मैसेज या कॉल आता है, तो उसे तुरंत नजरअंदाज कर देना चाहिए। किसी भी अनजान फाइल को डाउनलोड करना आपके फोन का रिमोट एक्सेस ठगों को देने के समान है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि बैंकिंग से संबंधित किसी भी कार्य के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या बैंक की शाखा का ही उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपने मोबाइल में अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति को हमेशा बंद रखें। छोटी सी सतर्कता ही आपकी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
