ग्वालियर में वंदे मातरम को लेकर आमने-सामने आए भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता, कार्यालय के बाहर हुआ भारी हंगामा
ग्वालियर में वंदे मातरम के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़ गए। भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया, जिसके जवाब में कांग्रेसियों ने भी राष्ट्रगीत का गायन किया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

वंदे मातरम पर ग्वालियर में सियासी घमासान
स्वतंत्रता दिवस के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर शुरू हुआ विवाद अब ग्वालियर की सड़कों तक पहुंच गया है। रविवार को शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब भारतीय जनता पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली और केरल में वंदे मातरम को लेकर हुए कथित विवादों के बाद आयोजित किया गया था।
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस राष्ट्रगीत के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखा रही है। इसी के विरोध में ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के नेतृत्व में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर सामूहिक रूप से वंदे मातरम का वाचन किया, जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक रंग में रंग गया।
बैरिकेड्स के दोनों ओर गूंजा राष्ट्रगीत
भाजपा कार्यकर्ताओं के अचानक घेराव और प्रदर्शन को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता भी तुरंत सक्रिय हो गए और अपने कार्यालय से बाहर निकल आए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पहले ही कांग्रेस दफ्तर के चारों ओर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया था और मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी। भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता बैरिकेड्स के आमने-सामने खड़े हो गए।
जैसे ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम का गायन शुरू किया, कांग्रेस नेताओं ने भी बैरिकेड्स के दूसरी ओर से राष्ट्रगीत का वाचन शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका राष्ट्रगीत के स्वरों से गूंज उठा। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी भी हुई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति हिंसक होने से बच गई।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा और स्थिति पर नियंत्रण
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया था। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दोनों दलों के बीच कोई सीधी झड़प या धक्का-मुक्की न हो। पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा सख्त रखा था।
सीएसपी ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रगीत का गायन किया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। प्रदर्शन के कुछ समय बाद भाजपा कार्यकर्ता वहां से रवाना हो गए, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
सियासी विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान सामने आए बयानों और घटनाओं की कड़ी माना जा रहा है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस शासित राज्यों और उनके कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत को लेकर जो रवैया अपनाया जा रहा है, वह देश की भावना के विपरीत है। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने और अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है।
ग्वालियर में हुई इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रवाद और राष्ट्रगीत जैसे मुद्दे स्थानीय राजनीति में और अधिक गरमा सकते हैं। प्रशासन अब सतर्क है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन से शहर की शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!