गुरुग्राम: पानी के कारोबार पर कब्जे की जंग, पार्षद पर लगे गैंगस्टरों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप
Gurugram water supply business extortion controversy latest update. हरियाणा के गुरुग्राम में वाटर सप्लाई कारोबार में अब गैंगस्टरों की एंट्री हो गई है। कंस्ट्रक्शन साइट और कॉलोनियों में पानी सप्लाई करने वाले कारोबारी ने BJP समर्थित पार्षद पर मंथली मांगने का आरोप लगाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के गुरुग्राम में पानी की आपूर्ति के व्यवसाय में गैंगस्टरों की कथित संलिप्तता का मामला सामने आया है। सेक्टर-103 में निर्माण स्थलों और कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति करने वाले एक कारोबारी ने स्थानीय भाजपा समर्थित पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कारोबारी का दावा है कि पार्षद अपने राजनीतिक रसूख और गैंगस्टरों के डर का इस्तेमाल कर उसके व्यवसाय में आधी हिस्सेदारी मांग रहे हैं।
कारोबारी का आरोप: गुंडों के दम पर वसूली और धमकी
पानी सप्लायर मनीष दहिया ने आरोप लगाया है कि वार्ड नंबर-7 के पार्षद दिनेश दहिया जेल में बंद गैंगस्टर कौशल चौधरी के नाम का सहारा लेकर उन्हें धमका रहे हैं। मनीष के अनुसार, पार्षद के गुर्गे 10 से अधिक स्कॉर्पियो गाड़ियों का काफिला लेकर उनकी साइट पर पहुंचे और काम बंद करने का दबाव बनाया। पीड़ित का आरोप है कि यदि उन्होंने मंथली देने या व्यवसाय में हिस्सा देने से इनकार किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है।
मनीष दहिया ने यह भी दावा किया कि इस संबंध में स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण अब तक कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
क्या है गुरुग्राम का पानी का कारोबार?
गुरुग्राम में नगर निगम द्वारा बोरिंग पर प्रतिबंध और हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण (HWRA) से अनुमति मिलने में कठिनाई के कारण पानी की आपूर्ति एक बड़ा व्यवसाय बन गया है। निर्माण कार्य करने वाली कंपनियां और आवासीय सोसाइटियां निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। इस मांग के कारण पानी का ठेका काफी मुनाफे वाला माना जाता है, जिसे हासिल करने के लिए कारोबारी बड़ी बोलियां लगाते हैं।
इस पूरे मामले में जब राजेंद्रा पार्क थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।
पार्षद का पलटवार: आरोपों को बताया चुनावी रंजिश
वहीं, पार्षद दिनेश दहिया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्षद का कहना है कि मनीष दहिया खुद गैंगस्टर सुनील उर्फ तोता के साथ मिलकर काम करता है और जेल से छूटने के बाद से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। पार्षद ने दावा किया कि मनीष के संबंध उस व्यक्ति से हैं जिसने पिछले चुनाव में उनके खिलाफ चुनाव लड़ा था।
पार्षद ने आगे कहा कि यह पूरी साजिश उन्हें बदनाम करने और चुनावी रंजिश निकालने के उद्देश्य से रची गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी गैंगस्टर से कोई लेना-देना नहीं है और वे कानून का पालन करने वाले जनप्रतिनिधि हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
इस विवाद ने गुरुग्राम में निर्माण सामग्री और आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति में माफिया के दखल की चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है। एक तरफ कारोबारी अपनी जान और व्यवसाय को खतरे में बता रहा है, तो दूसरी तरफ पार्षद इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कब तक कोई ठोस कार्रवाई करते हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
