गोपालगंज: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, पुलिस की मौजूदगी में हमले का आरोप
Gopalganj Thawe land dispute fight, two injured, police presence controversy. गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के पंडित के हरपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष के दो लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पंडित के हरपुर गांव में जमीन के एक पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई इस झड़प में एक पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
लाठी-डंडों से हुआ हमला
घायलों की पहचान पंडित के हरपुर गांव निवासी राजू साह, जो स्वर्गीय सरल साह के पुत्र हैं, और उनके भांजे सूरज साह, जो अशोक साह के पुत्र हैं, के रूप में की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अचानक तनाव बढ़ गया और दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर राजू साह और सूरज साह पर हमला कर दिया।
इस हमले में दोनों पीड़ित बुरी तरह घायल हो गए। अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों में से एक युवक की स्थिति काफी गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद से ही गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और स्थानीय लोग इस हिंसक घटना से दहशत में हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाया गया है। घायलों के परिजनों का दावा है कि यह मारपीट उस समय हुई जब पुलिस बल मौके पर मौजूद था। इस आरोप के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी के कारण मामला और अधिक बढ़ने से रुक गया, लेकिन तब तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।
पुलिस की अगली कार्रवाई
थावे थानाध्यक्ष विभा कुमारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिलते ही टीम को घटनास्थल पर भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पुलिस को इस मामले में किसी भी पक्ष से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत न मिलने के कारण अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है।
थानाध्यक्ष ने कहा कि जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त होगा, पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शुरू करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की नजर बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और विवादों का निपटारा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
