गाजियाबाद: बच्ची से दरिंदगी और हत्या मामले में नंदग्राम SHO पर गिरी गाज, पुलिस महकमे में बड़े बदलाव
Ghaziabad Police Commissioner J Ravinder Goud takes strict action against station house officers. इस मामले में पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने नंदग्राम थाने के SHO जितेंद्र कुमार को हटा दिया है। वहीं भोजपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रताप बालियान को भी हटा गया है, उनका जिले में टाइम पूरा हो चुका है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नंदग्राम थाने के SHO पर कार्रवाई
गाजियाबाद में सात साल की बच्ची के साथ हुई गैंगरेप और हत्या की वीभत्स घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नंदग्राम थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उन्हें अब क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच की गई है।
घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश था। पुलिस की शुरुआती जांच और मामले को संभालने के तरीके को लेकर पुलिस महकमे के भीतर भी चर्चाएं तेज थीं। कमिश्नर द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक फेरबदल और जवाबदेही तय करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
भोजपुर और अन्य थानों में भी बदलाव
नंदग्राम के अलावा भोजपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रताप बालियान को भी हटा दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उनका जिले में कार्यकाल पूरा हो चुका था, जिसके चलते यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। पुलिस कमिश्नर के इस आदेश के बाद जिले के अन्य थानों में भी फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।
इसके साथ ही कौशांबी और खोड़ा थाने के प्रभारियों पर भी गाज गिर सकती है। कौशांबी के इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा का कार्यकाल भी जिले में पूरा हो चुका है और शासन ने उनका ट्रांसफर लखनऊ जोन के लिए कर दिया है। हालांकि, वे अभी भी अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें जल्द ही कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।
विवादों में रहे कौशांबी इंस्पेक्टर
कौशांबी इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। हाल ही में देह व्यापार के एक मामले में 23 लड़कियों को रेस्क्यू किए जाने के बाद थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे थे। यह कार्रवाई एसीपी सूर्यबली मौर्य के नेतृत्व में की गई थी। इसके अलावा, अतीत में एक बिहार के युवक के साथ हुई घटना को लेकर भी उनकी काफी आलोचना हुई थी, जिसने पुलिस की छवि को प्रभावित किया था।
वहीं, खोड़ा थाने के इंस्पेक्टर नरेश कुमार शर्मा का भी जिले में कार्यकाल पूरा हो चुका है। पुलिस कमिश्नर की ओर से की जा रही यह सख्ती यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में जिले के कई अन्य थानों में भी नए प्रभारियों की नियुक्ति की जा सकती है।
क्या थी घटना?
यह मामला 10 जुलाई की रात का है, जब गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में एक निर्माणाधीन मॉल में मजदूरी करने वाले परिवार की सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। विनय और शाहबुद्दीन नामक दो आरोपियों ने बच्ची के साथ गैंगरेप किया और फिर लोहे की रॉड से मारकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के लिए बच्ची के शव को मॉल की तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया था।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, जिसके बाद कमिश्नर ने यह कड़ा कदम उठाया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
