17 साल से फरार जालसाज नूंह में गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस को सौंपा गया आरोपी
नूंह में पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी पिछले 17 वर्षों से फरार चल रहा था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नूंह पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 17 साल से चकमा दे रहा आरोपी गिरफ्तार
हरियाणा के नूंह जिले में पुलिस ने एक ऐसे अपराधी को दबोचने में सफलता हासिल की है, जो पिछले 17 वर्षों से कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था। आरोपी पर धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह व्यक्ति लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर रह रहा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान आस मोहम्मद के रूप में हुई है, जो नूंह के सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अलालपुर गांव का रहने वाला है। वह राजस्थान के सलूम्बर जिले में दर्ज एक पुराने आपराधिक मामले में वांछित था। कानून के शिकंजे से बचने के लिए वह लंबे समय से फरार था और वर्ष 2009 में उसे आधिकारिक तौर पर उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था।
पहचान छिपाकर रह रहा था आरोपी
आरोपी की गिरफ्तारी के पीछे की कहानी काफी चुनौतीपूर्ण रही है। पिछले करीब दो दशकों से वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। वह अपनी असली पहचान छिपाकर विभिन्न स्थानों पर रह रहा था, ताकि पुलिस की पहुंच से दूर रह सके। हालांकि, नूंह पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद जाल बिछाया गया और उसे धर दबोचा गया।
राजस्थान पुलिस ने इस अपराधी को पकड़ने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया था। इसी कड़ी में नूंह पुलिस को अहम इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी साबित करती है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, अंततः उसे कानून के दायरे में आना ही पड़ता है।
राजस्थान पुलिस को सौंपा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद नूंह पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद, आरोपी को राजस्थान पुलिस की टीम के हवाले कर दिया गया। अब राजस्थान पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। आरोपी को अब सलूम्बर ले जाया जाएगा, जहां उससे पूछताछ की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजस्थान पुलिस अब इस बात की गहन जांच करेगी कि फरारी के दौरान आरोपी ने किन-किन राज्यों में शरण ली थी। साथ ही, यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस 17 साल की अवधि के दौरान वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त रहा है या नहीं।
जांच में अब तेजी आने की उम्मीद
17 साल बाद हुई इस गिरफ्तारी से मामले की जांच में नई गति आने की उम्मीद है। पीड़ित पक्ष को भी अब न्याय मिलने की आस जगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो जांच के दायरे को और व्यापक बना सकती हैं।
फिलहाल, नूंह पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए आरोपी को संबंधित राज्य की पुलिस को सौंप दिया है। यह मामला न केवल पुलिस के आपसी समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि पुराने लंबित मामलों में भी पुलिस की नजरें बनी रहती हैं और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!