फिरोजाबाद एनकाउंटर: पुलिस से घिरे बदमाशों ने बच्चे को बनाया ढाल, तीन घंटे चली मुठभेड़ में दोनों ढेर
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को दो बदमाश एनकाउंटर में मार गिराए गए। बदमाशों ने बचने के लिए एक बच्चे को ढाल भी बना दी, लेकिन वो बच नहीं पाए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ट्रेन से कूदकर भागने की कोशिश
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में दो इनामी अपराधियों को मार गिराया गया। ये बदमाश दिल्ली से संबलपुर एक्सप्रेस में सवार होकर भागने की फिराक में थे, लेकिन एसओजी की टीम ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। जैसे ही ट्रेन शिकोहाबाद के आउटर पर धीमी हुई, दोनों अपराधी चलती ट्रेन से कूदकर नगला कन्हई गांव की ओर भाग निकले।
पुलिस के अनुसार, ये अपराधी इटावा में डॉक्टर से हुई चेन लूट के मामले में वांछित थे। पुलिस की सर्विलांस टीम लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। बदमाशों को जब अपनी घेराबंदी का आभास हुआ, तो उन्होंने झारखंड भागने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
बच्चे को बनाया ढाल और की फायरिंग
भागते समय बदमाशों ने एक बाइक छीनने की कोशिश की, लेकिन पेट्रोल खत्म होने के कारण वे पैदल ही रेलवे लाइन की ओर दौड़ पड़े। खुद को घिरता देख एक बदमाश ने एक बच्चे को गन पॉइंट पर लेकर उसे ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें एसओजी के दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। एक जवान के पेट में और दूसरे के कंधे में गोली लगी है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बदमाशों ने स्कूल परिसर में घुसकर पुलिस पर 10 से 15 राउंड गोलियां चलाईं। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से बच्चा सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहा। इसके बाद बदमाश स्कूल की बाउंड्री कूदकर पास के खेतों में जा छिपे।
तीन घंटे चला ऑपरेशन
सूचना मिलते ही आसपास के थानों और इटावा से करीब 300 पुलिसकर्मियों का भारी बल मौके पर पहुंच गया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। करीब तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में पुलिस ने बाजरे और मक्के के खेतों में छिपे बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधी मारे गए।
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मारे गए बदमाशों की पहचान अंकित बाथम और सुमित यादव के रूप में हुई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। सुमित यादव हिस्ट्रीशीटर था और उस पर हत्या के प्रयास, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत 26 मुकदमे दर्ज थे, जबकि अंकित पर भी गंभीर धाराओं में चार मामले दर्ज थे।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
इस मुठभेड़ के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबके रहे। पुलिस ने घेराबंदी के दौरान पूरी सावधानी बरती ताकि किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे। अंततः पुलिस ने दोनों अपराधियों को ढेर कर क्षेत्र में आतंक फैला रहे इस गिरोह का खात्मा कर दिया।
घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन बदमाशों को पनाह देने में और कौन-कौन से लोग शामिल थे। इस एनकाउंटर को पुलिस की एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि ये अपराधी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर थे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
