हरियाणा भाजपा कार्यकारिणी में फतेहाबाद का बढ़ा कद: तीन दिग्गज नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी में फतेहाबाद जिले का राजनीतिक कद और मजबूत होकर सामने आया है। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के करीबी माने जाने वाले वेद फूलां को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

संगठन में फतेहाबाद का बढ़ा प्रभाव
भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है, जिसमें फतेहाबाद जिले के तीन प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल को जिले के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और पार्टी की भविष्य की चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन में इन नियुक्तियों के बाद फतेहाबाद की भूमिका पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली हो गई है।
पार्टी ने वरिष्ठ नेता वेद फूलां को प्रदेश महामंत्री के पद पर नियुक्त किया है। वहीं, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और पूर्व विधायक प्रो. रविंद्र बलियाला को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने न केवल अनुभव को तरजीह दी है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने की कोशिश की है।
वेद फूलां की बढ़ती सक्रियता
वेद फूलां को संगठन के अनुभवी चेहरों में गिना जाता है। वर्ष 2015 में जब सुभाष बराला प्रदेशाध्यक्ष बने थे, तब फूलां को फतेहाबाद का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे तीन वर्षों तक इस पद पर रहे। इसके बाद मार्च 2024 में उन्हें नायब सैनी सरकार में एग्रो इंडस्ट्रीज का चेयरमैन बनाया गया था। हाल ही में वे सिरसा जिले के प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्हें राज्यसभा सांसद सुभाष बराला और मुख्यमंत्री नायब सैनी का करीबी माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वेद फूलां की प्रदेश महामंत्री के पद पर नियुक्ति सुभाष बराला की संगठनात्मक पकड़ को और मजबूत करती है। यह पद पार्टी के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बना देगा।
रतिया का राजनीतिक दबदबा
सुनीता दुग्गल और प्रो. रविंद्र बलियाला की नियुक्तियों से रतिया क्षेत्र का राजनीतिक कद काफी बढ़ गया है। सुनीता दुग्गल 2019 में सिरसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनी गई थीं और वर्तमान में वे भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रही हैं। उन्होंने 2014 और 2024 में रतिया से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके अलावा, वे हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
दूसरी ओर, प्रो. रविंद्र बलियाला का लंबा राजनीतिक अनुभव पार्टी के काम आएगा। अर्थशास्त्र में पीएचडी धारक बलियाला 2014 में इनेलो के टिकट पर विधायक बने थे और 2019 में भाजपा में शामिल हुए। उन्हें पहले प्रदेश सचिव और बाद में हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग का चेयरमैन बनाया गया था। रतिया से इन दो बड़े नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने से क्षेत्र में पार्टी की स्थिति और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना है।
भविष्य की चुनावी रणनीति
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फेरबदल केवल संगठनात्मक नहीं है, बल्कि इसके पीछे भविष्य की चुनावी रणनीति भी छिपी है। विशेष रूप से पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए, दुग्गल और बलियाला को बड़ी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। रतिया क्षेत्र अब सरकार और संगठन दोनों ही स्तरों पर काफी शक्तिशाली स्थिति में आ गया है।
पार्टी नेतृत्व ने इन नियुक्तियों के माध्यम से फतेहाबाद के नेताओं को मुख्यधारा की राजनीति में और अधिक सक्रिय करने का संकेत दिया है। आने वाले समय में ये नेता प्रदेश स्तर पर पार्टी की नीतियों को लागू करने और चुनावी तैयारियों को धार देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
