धार: अस्पताल में डॉक्टर की विदाई पार्टी का शोर, मरीजों के वार्ड से महज 10 फीट की दूरी पर बजता रहा संगीत
धार जिला के सरदारपुर सिविल अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की फेयरवेल पार्टी का वीडियो सामने आया है। अस्पताल परिसर के एक हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉक्टर और स्टाफ तेज संगीत पर नाचते-गाते नजर आ रहे हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मध्य प्रदेश के धार जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सरदारपुर सिविल अस्पताल में एक डॉक्टर की विदाई समारोह के दौरान अस्पताल की मर्यादा को ताक पर रख दिया गया। अस्पताल परिसर के भीतर ही तेज संगीत के साथ पार्टी का आयोजन किया गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मरीजों के वार्ड के ठीक बगल में जश्न
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम अस्पताल परिसर के ही एक हॉल में आयोजित किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस हॉल में डॉक्टर और अन्य स्टाफ सदस्य तेज संगीत की धुन पर नाच-गा रहे थे, वहां से महज 10 फीट की दूरी पर मरीज भर्ती थे। एक तरफ जहां अस्पताल में शांति और गंभीर माहौल होना चाहिए था, वहीं दूसरी तरफ तेज संगीत और शोर-शराबे के कारण मरीजों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की आशंका बनी रही।
सरदारपुर सिविल अस्पताल जिला मुख्यालय से लगभग 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह अस्पताल आसपास के कई ग्रामीण इलाकों के लिए स्वास्थ्य सेवा का मुख्य केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का आयोजन करना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ सदस्य बेफिक्र होकर नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान पर इस तरह के आयोजन करना पूरी तरह से अनुचित है।
वीडियो वायरल होने के बाद से ही अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों के परिजनों ने भी इस पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीजों को आराम की जरूरत होती है, लेकिन यहां पार्टी का शोर मरीजों के लिए मुसीबत बन गया।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
इस मामले में जब सरदारपुर की बीएमओ डॉ. शीला मुजाल्दा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से भी अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल परिसर में इस तरह के आयोजन की अनुमति किसने दी थी और क्या इसके लिए कोई प्रोटोकॉल तय किया गया था।
फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस मामले की जांच की मांग उठ रही है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस आयोजन के लिए कौन जिम्मेदार है और क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों पर रोक लगाई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी स्पष्टीकरण आने के बाद ही इस पूरे विवाद का पटाक्षेप हो सकेगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!