देवास: 25 साल से पुलिस को चकमा दे रहा डकैती का आरोपी गिरफ्तार, गुजरात में छिपा था अपराधी
Dewas police arrest dacoity accused Nimbu alias Nim Singh after 25 years. देवास पुलिस ने ऑपरेशन हवालात के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए डकैती के मामले में पिछले 25 साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के देवास जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए डकैती के एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 25 वर्षों से कानून की नजरों से बचकर फरार चल रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई 'ऑपरेशन हवालात' के तहत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटियों और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है।
2001 से दर्ज था डकैती का मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान निम्बु उर्फ निम सिंह के रूप में हुई है, जो करड़ी गांव का निवासी है। उसके खिलाफ वर्ष 2001 में उदयनगर थाने में डकैती की गंभीर धाराओं (आईपीसी की धारा 395 और 397) के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था और अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
जांच में सामने आया है कि फरार रहने के दौरान आरोपी ने लंबे समय तक गुजरात में शरण ली थी। वह वहां छिपकर अपनी जिंदगी बिता रहा था ताकि पुलिस की पहुंच से दूर रह सके। हालांकि, देवास पुलिस की विशेष टीम लगातार उसके ठिकाने और गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की मदद से मिली कामयाबी
आरोपी को पकड़ने के लिए उदयनगर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। 27 जुलाई को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी देवास जिले की सीमा में वापस आया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद, पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया। लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है ताकि उसके अन्य साथियों और अपराध की कड़ियों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
ऑपरेशन हवालात का असर
देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के मार्गदर्शन में 1 नवंबर 2024 से 'ऑपरेशन हवालात' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उन अपराधियों को पकड़ना है जो गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं और वर्षों से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस अभियान के तहत अब तक 1,348 फरार, स्थायी और गिरफ्तारी वारंटियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अभियान के दौरान पकड़े गए अपराधियों पर कुल 1 लाख 99 हजार 500 रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं। भले ही आरोपी ने 25 साल तक पुलिस को चकमा देने की कोशिश की, लेकिन अंततः उसे कानून के दायरे में आना ही पड़ा। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
